{"_id":"609be32a8ebc3e1380558d2e","slug":"no-altrasound-fascility-in-teesha-hospital-chamba-news-sml370086794","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीसा अस्पताल में नहीं हो रहे अल्ट्रासाउंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीसा अस्पताल में नहीं हो रहे अल्ट्रासाउंड
विज्ञापन
तीसा (चंबा)। विधानसभा क्षेत्र चुराह की 51 पंचायतों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने वाले सिविल अस्पताल तीसा में मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। सरकार ने तीन साल पहले सिविल अस्पताल तीसा में अल्ट्रासाउंड करने वाली मशीन को स्थापित तो करवा दिया लेकिन, उसे चलाने वाले रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं की।
इसकी वजह से तीन सालों से अस्पताल में यह मशीन धूल फांक रही है। गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए साठ किमी दूर चंबा मेडिकल कॉलेज का रुख करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में भी कई बार इन गर्भवतियों का नंबर नहीं लग पाता, जिसके चलते मजबूरन महिलाओं को निजी लैब में जाकर अल्ट्रासाउंड करवाने पड़ते हैं। इसके अलावा अन्य बीमारी में भी अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता रहती है लेकिन, रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने की वजह से ऐसे मरीजों को भी चंबा का रुख करना पड़ रहा है।
कहने को प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के बड़े-बड़े दावे कर रही है लेकिन, असलियत में ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र में चलने वाले स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों सहित अन्य स्टाफ की कमी को सरकार पूरा नहीं कर पा रही है। अमर चंद, सुनील कुमार, प्यार सिंह, कुलदीप, अजय कुमार, हंसराज, जितेंद्र, रवि कुमार, केवल और मनोज कुमार ने बताया कि सिविल अस्पताल तीसा में 51 पंचायतों के लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में वहां पर अल्ट्रासाउंड न होने से मरीज काफी परेशान हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से तीसा में रेडियोलॉजिस्ट तैनात करने की मांग की है।
विज्ञापन
खंड चिकित्सा अधिकारी तीसा डॉक्टर ऋषि पुरी ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती को लेकर उच्चाधिकारी को अवगत करवा दिया गया है। जब तक रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो जाती, तब तक गर्भवतियों को बाहर से अल्ट्रासाउंड करवाने पर चार सौ रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है।
विज्ञापन
इसकी वजह से तीन सालों से अस्पताल में यह मशीन धूल फांक रही है। गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए साठ किमी दूर चंबा मेडिकल कॉलेज का रुख करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में भी कई बार इन गर्भवतियों का नंबर नहीं लग पाता, जिसके चलते मजबूरन महिलाओं को निजी लैब में जाकर अल्ट्रासाउंड करवाने पड़ते हैं। इसके अलावा अन्य बीमारी में भी अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता रहती है लेकिन, रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने की वजह से ऐसे मरीजों को भी चंबा का रुख करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
कहने को प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के बड़े-बड़े दावे कर रही है लेकिन, असलियत में ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र में चलने वाले स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों सहित अन्य स्टाफ की कमी को सरकार पूरा नहीं कर पा रही है। अमर चंद, सुनील कुमार, प्यार सिंह, कुलदीप, अजय कुमार, हंसराज, जितेंद्र, रवि कुमार, केवल और मनोज कुमार ने बताया कि सिविल अस्पताल तीसा में 51 पंचायतों के लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में वहां पर अल्ट्रासाउंड न होने से मरीज काफी परेशान हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से तीसा में रेडियोलॉजिस्ट तैनात करने की मांग की है।
विज्ञापन
खंड चिकित्सा अधिकारी तीसा डॉक्टर ऋषि पुरी ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती को लेकर उच्चाधिकारी को अवगत करवा दिया गया है। जब तक रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो जाती, तब तक गर्भवतियों को बाहर से अल्ट्रासाउंड करवाने पर चार सौ रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है।