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Chamba News: नौ गांव आज भी सड़क से कोसों दूर

Wed, 18 Feb 2026 10:34 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Wed, 18 Feb 2026 10:34 PM IST
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Nine villages are still miles away from the road.
साहो (चंबा)। सडाह से कंढा तक बननी वाली 15 किलोमीटर लंबी सड़क का काम सिर्फ डेढ़ किलोमीटर ही पूरा हो पाया है। इस कारण तीन साल से नौ गांवों द्रोबी भैला, सडाह, मुकलैली, बड़ैटा, परोह, बणोटू, प्रोह, टिटणू और रौंठा के ग्रामीण सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बीमार पड़ने पर अस्पताल तक पहुंचना उनके लिए जंग के समान है।
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गर्भवती महिलाओं के लिए तो पालकी ही उम्मीद बन गई है। कई बार मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। उन्हाेंने कहा कि सड़क केवल एक रास्ता नहीं बल्कि जीवन की डोर है। कई साल में कितनी ही सरकारें आईं, लेकिन किसी ने भी दुर्गम इलाके तक सड़क पहुंचाने को प्राथमिकता नहीं दी। वोट मांगने तो आते हैं लेकिन विकास की हकीकत हमेशा अधूरी रहती है। खाद्य और निर्माण सामग्री आज भी खच्चरों पर ढोनी पड़ती है। बर्फबारी में यह जीवन और भी कठिन हो जाता है।
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बीमार पड़ने और गर्भवती महिलाओं को पालकी ही अस्पताल तक पहुंचने का एकमात्र साधन है। कई बार मरीज पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। पछो राम, स्थानीय निवासी
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नेता वोट मांगने आते हैं, लेकिन विकास के लिए कोई कदम नहीं उठाते। हमें विकास पहले चाहिए, तभी वोट लें। उनका इस्तेमाल सिर्फ वोट के लिए ही किया जाता है। सोभिया राम, स्थानीय निवासी
हमारे गांवों तक सड़क न होने के कारण खाद्य और निर्माण सामग्री खच्चरों पर ढोनी पड़ती है। बर्फबारी में जीवन बेहद कठिन हो जाता है। सिर्फ डेढ़ किलोमीटर ही बनी है। रमेश कुमार, स्थानीय निवासी
जब उनके गांवों तक सड़क बनने की घोषणा हुई तो क्षेत्र में खुशी की लहर थी, लेकिन अब सड़क आगे की सड़क का निर्माण सर्वे तक ही सीमित रह गया है। काकू राम, स्थानीय निवासी


डेढ़ किमी सड़क का ही बजट उनके पास आया था और यह काम पूरा कर लिया है। अब जब तक लोग अपनी जमीन विभाग के नाम नहीं करते और गिफ्ट डीड नहीं देते, हम आगे नहीं बढ़ सकते। जमीन मिलने के बाद फॉरेस्ट क्लीयरेंस और डीपीआर तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी। सरकार द्वारा बजट स्वीकृत होने पर ही सड़क का काम शुरू होगा। जोगेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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