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जिला पुस्तकालय में बैठने को पर्याप्त जगह न नई किताबें
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चंबा। जिला पुस्तकालय में कोरोना काल के बाद पाठकों में बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां 1,200 के करीब विद्यार्थी पुस्तकालय में पढ़ने पहुंचते थे। अब यही आंकड़ा दो हजार के पार हो गया है। वर्तमान में करीब 2,200 विद्यार्थी पढ़ने के लिए पहुंच रहे हैं।
जिला पुस्तकालय में हर विषय की पुस्तकें उपलब्ध हैं। कोरोना महामारी के चलते दो साल से नई किताबों की खेप नहीं पहुंची है। दो साल पहले प्रशासन ने जिला पुस्तकालय के लिए बजट का प्रावधान किया था लेकिन वर्तमान में नई किताबें उपलब्ध नहीं हैं। इससे पाठकों को परेशानी भी हो रही है।
जिला पुस्तकालय में बच्चों की संख्या बढ़ने से जगह कम पड़ गई है। राहुल कुमार, सुमित सिंह, सीमा कुमारी, देवी राम, पूजा कुमारी, राकेश कुमार, रक्षा कुमारी, अमित कुमार, भारती कुमार और संतोष कुमारी का कहना है कि वे रोजाना जिला पुस्तकालय में पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के बाद पुस्तकालय में पाठकों की संख्या बढ़ी है। इससे पुस्तकालय में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय प्रबंधन की ओर से बच्चों को अलग-अलग समय पर बुलाकर व्यवस्थित किया जा रहा है।
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इसके अलावा पिछले दो साल से नई पुस्तकें नहीं आई हैं। उन्होंने प्रशासन और उच्च शिक्षा निदेशालय से मांग की है कि पुस्तकालय में नई पुस्तकों की आपूर्ति की जाए। सहायक लाइब्रेरियन चुनी लाल शर्मा ने बताया कि कोरोना महामारी के बाद बच्चों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने बताया कि दो साल पहले प्रशासन ने नई किताबें खरीदी हैं। कहा कि बच्चों की मांग के अनुसार विभाग की ओर से पुस्तकों की खरीद की जाती है।
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जिला पुस्तकालय में हर विषय की पुस्तकें उपलब्ध हैं। कोरोना महामारी के चलते दो साल से नई किताबों की खेप नहीं पहुंची है। दो साल पहले प्रशासन ने जिला पुस्तकालय के लिए बजट का प्रावधान किया था लेकिन वर्तमान में नई किताबें उपलब्ध नहीं हैं। इससे पाठकों को परेशानी भी हो रही है।
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जिला पुस्तकालय में बच्चों की संख्या बढ़ने से जगह कम पड़ गई है। राहुल कुमार, सुमित सिंह, सीमा कुमारी, देवी राम, पूजा कुमारी, राकेश कुमार, रक्षा कुमारी, अमित कुमार, भारती कुमार और संतोष कुमारी का कहना है कि वे रोजाना जिला पुस्तकालय में पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के बाद पुस्तकालय में पाठकों की संख्या बढ़ी है। इससे पुस्तकालय में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय प्रबंधन की ओर से बच्चों को अलग-अलग समय पर बुलाकर व्यवस्थित किया जा रहा है।
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इसके अलावा पिछले दो साल से नई पुस्तकें नहीं आई हैं। उन्होंने प्रशासन और उच्च शिक्षा निदेशालय से मांग की है कि पुस्तकालय में नई पुस्तकों की आपूर्ति की जाए। सहायक लाइब्रेरियन चुनी लाल शर्मा ने बताया कि कोरोना महामारी के बाद बच्चों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने बताया कि दो साल पहले प्रशासन ने नई किताबें खरीदी हैं। कहा कि बच्चों की मांग के अनुसार विभाग की ओर से पुस्तकों की खरीद की जाती है।