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पांच पंचायतो को पानी देने वाले टैंको में नहा रहे बंदर व लंगूर
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मियाड़ी गला के पास खुले पड़े पेयजल टैंक के उपर बैठे बंदर।
- फोटो : Chamba
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खज्जियार (चंबा)। पांच पंचायतों को पीने का पानी मुहैया करवाने वाले मियाड़ी में बने पेयजल भंडारण टैंक में बंदर और लंगूर मुंह मार रहे हैं, लेकिन, जल शक्ति विभाग की ओर से पानी को बंदरों से बचाने की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है।
बंदर गर्मी से निजात पाने के लिए पीने के पानी के टैंकों में नहाते रहते हैं। इससे पीने का पानी गंदा होता रहता है। विभाग इसी पानी को पंचायतों में सप्लाई कर रहा है।
जिससे लोगों के बीमार होने का खतरा बना हुआ है। पेयजल टैंक खुले होने के कारण हवा के साथ धूल मिट्टी सहित अन्य कूड़ा गिरने की भी संभावना बनी रहती है। ऐसे में विभाग को टैंकों को ढकने की व्यवस्था करनी चाहिए, लेकिन विभाग इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहा है। इसे लेकर स्थानीय लोगों विभाग के प्रति भारी रोष है।
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ग्रामीणों में मदन कुमार, अशोक, पृथी चंद, मनोज कुमार, हंसराज और केवल ने बताया कि मियाड़ी गला में बने पेयजल भंडारण टैंकों से ग्राम पंचायत, रठियार, औड़ा, खज्जियार, बसोधन और फतेहपुर में पानी की सप्लाई होती है, लेकिन पेयजल टैंकों का रखरखाव सही तरीके से न होने की वजह से पीने का पानी दूषित हो रहा है। बंदर और लंगूर पेयजल टैंकों में नहा रहे हैं। हैरानी इस बात की है कि विभाग की ओर से वहां पर बंदरों को भगाने के लिए किसी कर्मचारी की ड्यूटी भी नहीं लगाई गई है। उन्होंने जिला प्रशासन और जल शक्ति विभाग से मांग की है कि मियाड़ी में पेयजल टैंकों को ढकने की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पानी मुहैया हो सके। इस संबंध में जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता अरशद रहमान ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला अभी लाया गया है। जल्द ही बंदरों को टैंक से दूर भगाने को लेकर उचित कदम उठाए जाएंगे।
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बंदर गर्मी से निजात पाने के लिए पीने के पानी के टैंकों में नहाते रहते हैं। इससे पीने का पानी गंदा होता रहता है। विभाग इसी पानी को पंचायतों में सप्लाई कर रहा है।
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जिससे लोगों के बीमार होने का खतरा बना हुआ है। पेयजल टैंक खुले होने के कारण हवा के साथ धूल मिट्टी सहित अन्य कूड़ा गिरने की भी संभावना बनी रहती है। ऐसे में विभाग को टैंकों को ढकने की व्यवस्था करनी चाहिए, लेकिन विभाग इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहा है। इसे लेकर स्थानीय लोगों विभाग के प्रति भारी रोष है।
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ग्रामीणों में मदन कुमार, अशोक, पृथी चंद, मनोज कुमार, हंसराज और केवल ने बताया कि मियाड़ी गला में बने पेयजल भंडारण टैंकों से ग्राम पंचायत, रठियार, औड़ा, खज्जियार, बसोधन और फतेहपुर में पानी की सप्लाई होती है, लेकिन पेयजल टैंकों का रखरखाव सही तरीके से न होने की वजह से पीने का पानी दूषित हो रहा है। बंदर और लंगूर पेयजल टैंकों में नहा रहे हैं। हैरानी इस बात की है कि विभाग की ओर से वहां पर बंदरों को भगाने के लिए किसी कर्मचारी की ड्यूटी भी नहीं लगाई गई है। उन्होंने जिला प्रशासन और जल शक्ति विभाग से मांग की है कि मियाड़ी में पेयजल टैंकों को ढकने की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पानी मुहैया हो सके। इस संबंध में जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता अरशद रहमान ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला अभी लाया गया है। जल्द ही बंदरों को टैंक से दूर भगाने को लेकर उचित कदम उठाए जाएंगे।