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Chamba News: पेयजल योजना का काम लटकने पर मंत्री तल्ख, विजिलेंस जांच के आदेश
Fri, 19 Jul 2024 09:59 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 19 Jul 2024 09:59 PM IST
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भरमौर (चंबा)। मंत्री के तल्ख तेवर दिखाते ही 14 साल से लटके पेयजल लाइन बिछाने के काम को लेकर विजिलेंस जांच के आदेश हो गए हैं। एक महीने के भीतर मामले की रिपोर्ट मांगी गई है।
भरमौर क्षेत्र के लाहल गांव के लिए प्रंघाला से वर्ष 2010 में एक करोड़ 44 लाख की योजना स्वीकृत हुई थी। इसका कार्य 2013 में पूरा होना था। योजना के तहत ठेकेदार पर 86 लाख रुपये खर्च कर आधी-अधूरी पेयजल लाइन बिछाने का आरोप है।राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने सतर्कता विभाग से एक महीने में इस मामले की जांच कर रिपोर्ट तलब की है।
दरअसल, बीते माह परियोजना सलाहकार समिति की बैठक में जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी के समक्ष यह मामला उठाया गया था। उन्हें बताया गया था कि 2010 से पेयजल लाइन बिछाने का काम आज तक पूरा नहीं हो पाया है। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताई और मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि कुछ साल पहले बिजली प्रोजेक्ट के कारण लाहल गांव में पेयजल स्रोत सूख गया था। इस कारण पेयजल की समस्या हो गई। इस पर जलशक्ति विभाग ने प्रंघाला से लाहल गांव के लिए एक करोड़ 44 लाख की पेयजल योजना का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजा था। इसे मंजूरी मिलने पर विभाग ने टेंडर आमंत्रित कर कार्य आवंटित किया। इसे 2013 तक पूरा करने की लक्ष्य ठेकेदार को दिया था। तीन वर्ष में ठेकेदार ने 86 लाख रुपये अधूरी लाइन तो बिछाई, लेकिन उसके बाद इसका काम लटक गया था।
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जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता विवेक चंदेल ने कहा कि प्रंघाला से लाहल के लिए 2010 में पेयजल योजना स्वीकृत हुई थी। 2013 में कार्य पूरा होना था। अब तक यह काम नहीं हो पाया है। इसको लेकर अब विजिलेंस से मामले की जांच के आदेश हुए हैं।
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जिला सतर्कता विभाग के एएसपी अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि मामला अभी उनके पास नहीं पहुंचा है। मामला पहुंचने पर विभाग निष्पक्षता से मामले की जांच करेगा।
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कार्यवाहक एडीएम कुलवीर सिंह ने बताया कि प्रंघाला से लाहल तक पेयजल लाइन का कार्य आधा-अधूरा होने का मामला परियोजना सलाहकार की बैठक में जनजातीय विकास मंत्री के पास पहुंचा है। उन्होंने मामले की विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। जलशक्ति विभाग मामला विजिलेंस को भेजने की तैयारी कर रहा है।
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भरमौर क्षेत्र के लाहल गांव के लिए प्रंघाला से वर्ष 2010 में एक करोड़ 44 लाख की योजना स्वीकृत हुई थी। इसका कार्य 2013 में पूरा होना था। योजना के तहत ठेकेदार पर 86 लाख रुपये खर्च कर आधी-अधूरी पेयजल लाइन बिछाने का आरोप है।राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने सतर्कता विभाग से एक महीने में इस मामले की जांच कर रिपोर्ट तलब की है।
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दरअसल, बीते माह परियोजना सलाहकार समिति की बैठक में जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी के समक्ष यह मामला उठाया गया था। उन्हें बताया गया था कि 2010 से पेयजल लाइन बिछाने का काम आज तक पूरा नहीं हो पाया है। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताई और मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि कुछ साल पहले बिजली प्रोजेक्ट के कारण लाहल गांव में पेयजल स्रोत सूख गया था। इस कारण पेयजल की समस्या हो गई। इस पर जलशक्ति विभाग ने प्रंघाला से लाहल गांव के लिए एक करोड़ 44 लाख की पेयजल योजना का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजा था। इसे मंजूरी मिलने पर विभाग ने टेंडर आमंत्रित कर कार्य आवंटित किया। इसे 2013 तक पूरा करने की लक्ष्य ठेकेदार को दिया था। तीन वर्ष में ठेकेदार ने 86 लाख रुपये अधूरी लाइन तो बिछाई, लेकिन उसके बाद इसका काम लटक गया था।
जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता विवेक चंदेल ने कहा कि प्रंघाला से लाहल के लिए 2010 में पेयजल योजना स्वीकृत हुई थी। 2013 में कार्य पूरा होना था। अब तक यह काम नहीं हो पाया है। इसको लेकर अब विजिलेंस से मामले की जांच के आदेश हुए हैं।
जिला सतर्कता विभाग के एएसपी अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि मामला अभी उनके पास नहीं पहुंचा है। मामला पहुंचने पर विभाग निष्पक्षता से मामले की जांच करेगा।
कार्यवाहक एडीएम कुलवीर सिंह ने बताया कि प्रंघाला से लाहल तक पेयजल लाइन का कार्य आधा-अधूरा होने का मामला परियोजना सलाहकार की बैठक में जनजातीय विकास मंत्री के पास पहुंचा है। उन्होंने मामले की विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। जलशक्ति विभाग मामला विजिलेंस को भेजने की तैयारी कर रहा है।