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Chamba News: करवाचौथ को लेकर सजे बाजार, महंगा हुआ शृंगार
Wed, 16 Oct 2024 10:22 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 16 Oct 2024 10:22 PM IST
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चंबा। करवाचौथ व्रत को लेकर शहर की दुकानें और पूरा बाजार सज गया है। बाजार में खरीदारी करने के लिए महिलाओं की भीड़ जुट रही है। पिछले साल की बात की जाए तो इस साल महंगाई में बढ़ोतरी हुई है।
बावजूद इसके भी महिलाएं खरीदारी करने में जुट रही हैं। पिछले साल की तुलना में शृंगार सामग्री के अलावा चूड़ियों के दाम 5 से लेकर 15 रुपये तक बढ़े हैं। वहीं, ब्रांडेड कॉस्मेटिक के दामों में भी उछाल आया है। सुहागिनें इस व्रत को पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं। इसके लिए बाजार में चूड़ियां, पूजा थाली, सरगी थाली के अलावा मिट्टी से बने करवे और नारियल की मांग बढ़ चुकी है। कांच की चूड़ियों के अलावा फैंसी चूड़ियां भी काफी बिक रही हैं। पिछले साल 60 रुपये प्रति दर्जन बिकने वाली चूड़ियां इस साल 100 रुपये प्रति दर्जन बिक रही हैं। 800 रुपये में बिकने वाली शृंगार सामग्री के दाम भी 1000 रुपये तक हो गए हैं। इसके अलावा बिंदिया पांच रुपये से सात रुपये, परांदा 40 से 250 रुपये तक बिक रहा है। फैंसी थाली का दाम पचास रुपये से दो सौ रुपये तक है, जबकि मिट्टी से बने करवा से 20 से 50 रुपये तक बिक रहा है।
पिछली बार की तुलना में इस बार महंगाई ज्यादा है। पिछली बार जो चीज 100 रुपये की थी, वह इस बार 200 रुपये से 300 रुपये तक मिल रही है। मीनाक्षी कुमारी
पिछले दो हफ्ते पहले जो चूड़ियां और कड़े 40 रुपये तक बिक रहे थे। वहीं, अब बाजार में 100 रुपये से 120 रुपये तक बिक रहे हैं। कुल मिलाकर महंगाई ज्यादा है। कविता कुमारी
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त्योहारी सीजन में हर साल महंगाई की मार देखने को मिलती है। ऐसा नहीं होने चाहिए। जो सामान हम पहले कम दामों में खरीदते थे, उनकी ही कीमत एक दो हफ्ते में चार गुणा हो जाती है। - इंद्रा कुमारी
महंगाई की मार सबसे ज्यादा गरीब लोगों को पड़ती है। जो लोग दिहाड़ी लगाकर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं, उन्हें इस त्योहारी सीजन में सबसे ज्यादा मुश्किल होती है। दामिनी कुमारी
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बावजूद इसके भी महिलाएं खरीदारी करने में जुट रही हैं। पिछले साल की तुलना में शृंगार सामग्री के अलावा चूड़ियों के दाम 5 से लेकर 15 रुपये तक बढ़े हैं। वहीं, ब्रांडेड कॉस्मेटिक के दामों में भी उछाल आया है। सुहागिनें इस व्रत को पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं। इसके लिए बाजार में चूड़ियां, पूजा थाली, सरगी थाली के अलावा मिट्टी से बने करवे और नारियल की मांग बढ़ चुकी है। कांच की चूड़ियों के अलावा फैंसी चूड़ियां भी काफी बिक रही हैं। पिछले साल 60 रुपये प्रति दर्जन बिकने वाली चूड़ियां इस साल 100 रुपये प्रति दर्जन बिक रही हैं। 800 रुपये में बिकने वाली शृंगार सामग्री के दाम भी 1000 रुपये तक हो गए हैं। इसके अलावा बिंदिया पांच रुपये से सात रुपये, परांदा 40 से 250 रुपये तक बिक रहा है। फैंसी थाली का दाम पचास रुपये से दो सौ रुपये तक है, जबकि मिट्टी से बने करवा से 20 से 50 रुपये तक बिक रहा है।
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पिछली बार की तुलना में इस बार महंगाई ज्यादा है। पिछली बार जो चीज 100 रुपये की थी, वह इस बार 200 रुपये से 300 रुपये तक मिल रही है। मीनाक्षी कुमारी
पिछले दो हफ्ते पहले जो चूड़ियां और कड़े 40 रुपये तक बिक रहे थे। वहीं, अब बाजार में 100 रुपये से 120 रुपये तक बिक रहे हैं। कुल मिलाकर महंगाई ज्यादा है। कविता कुमारी
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त्योहारी सीजन में हर साल महंगाई की मार देखने को मिलती है। ऐसा नहीं होने चाहिए। जो सामान हम पहले कम दामों में खरीदते थे, उनकी ही कीमत एक दो हफ्ते में चार गुणा हो जाती है। - इंद्रा कुमारी
महंगाई की मार सबसे ज्यादा गरीब लोगों को पड़ती है। जो लोग दिहाड़ी लगाकर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं, उन्हें इस त्योहारी सीजन में सबसे ज्यादा मुश्किल होती है। दामिनी कुमारी