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Chamba News: मणिमहेश यात्रा ... टेंट में रहने का किराया नहीं बढ़ेगा, पिछले साल के रेट पर ही मिलेगा खाना
Mon, 12 Aug 2024 10:06 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 12 Aug 2024 10:06 PM IST
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चंबा में मणिमहेश यात्रा के लिए घोड़े पर जाते श्रद्धालु।संवाद
भरमौर (चंबा)। पवित्र मणिमहेश यात्रा के दौरान यात्रियों को रात्रि ठहराव के लिए रुकने के दाम पिछले साल की तरह ही चुकाने होंगे। खाद्य वस्तुओं और रहने के दाम पिछले साल की तरह ही रहेंगे।
इस बार इन दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसमें घोड़े, खच्चर के किराये से लेकर विभिन्न पड़ावों में खाने-पीने से लेकर रहने को लिए जाने वाले दाम शामिल हैं।
पवित्र मणिमहेश यात्रा पर वर्तमान में जाने वाले यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को विभिन्न पड़ावों पर टेंटों में रहने के लिए 30 से 100 रुपये तक चुकाने पड़ते हैं। आधिकारिक तौर पर यात्रा शुरू होने पर श्रद्धालुओं से 100 से लेकर 150 रुपये लिए जाते हैं। यात्रा के दौरान घोड़े पर हड़सर से मणिमहेश तक प्रति सवारी 2500 रुपये था। इस बार इसे बढ़ाकर एक तरफ का 2800 रुपये प्रति सवारी किया जा सकता है। आने और जाने का का किराया पहले 4400 रुपये था। इस बार यह बढ़कर 4700 रुपये हो सकता है।
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उधर, मणिमहेश यात्रा के दौरान दरें निर्धारण करने के लिए सोमवार को भरमौर मुख्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कुलबीर सिंह राणा ने की। उन्होंने कहा कि हड़सर से लेकर डल झील के बीच घोड़े-खच्चर और कुलियों के रेट जो बीते साल थे, उनमें कुछ प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है। टैक्सी यूनियन की तरफ से कोई सदस्य न होने के कारण बीते साल जो भाड़ा था, उस पर चर्चा की गई। इस बार मणिमहेश न्यास हड़सर से लेकर डल झील के बीच लगी अस्थायी दुकानों की साइज के हिसाब से पर्ची काटेगा। इसमें कुछ हिस्सा स्थानीय पंचायत को भी मिलेगा। इसमें पंचायत, प्रशासन व वन्यप्राणी विभाग के कर्मचारी साथ रहेंगे। बैठक में मणिमहेश यात्रा का कुछ हिस्सा वन्यप्राणी क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इस हिस्से में कुछ निजी संस्थाओं की ओर से अपनी मर्जी से पक्का निर्माण भी किया गया है। उन्हें तुरंत नोटिस देकर सख्त कार्रवाई करने के उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देश दिए।
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हेलिकाप्टर सेवा के तहत सुल्तानपुर से भरमौर और भरमौर से गौरीकुंड तक करीब 25 हजार रुपये किराया श्रद्धालुओं को देना होगा। हालांकि, भरमौर से गौरीकुंड तक 3895 के करीब किराया लिया जाएगा।
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इस बार इन दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसमें घोड़े, खच्चर के किराये से लेकर विभिन्न पड़ावों में खाने-पीने से लेकर रहने को लिए जाने वाले दाम शामिल हैं।
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पवित्र मणिमहेश यात्रा पर वर्तमान में जाने वाले यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को विभिन्न पड़ावों पर टेंटों में रहने के लिए 30 से 100 रुपये तक चुकाने पड़ते हैं। आधिकारिक तौर पर यात्रा शुरू होने पर श्रद्धालुओं से 100 से लेकर 150 रुपये लिए जाते हैं। यात्रा के दौरान घोड़े पर हड़सर से मणिमहेश तक प्रति सवारी 2500 रुपये था। इस बार इसे बढ़ाकर एक तरफ का 2800 रुपये प्रति सवारी किया जा सकता है। आने और जाने का का किराया पहले 4400 रुपये था। इस बार यह बढ़कर 4700 रुपये हो सकता है।
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उधर, मणिमहेश यात्रा के दौरान दरें निर्धारण करने के लिए सोमवार को भरमौर मुख्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कुलबीर सिंह राणा ने की। उन्होंने कहा कि हड़सर से लेकर डल झील के बीच घोड़े-खच्चर और कुलियों के रेट जो बीते साल थे, उनमें कुछ प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है। टैक्सी यूनियन की तरफ से कोई सदस्य न होने के कारण बीते साल जो भाड़ा था, उस पर चर्चा की गई। इस बार मणिमहेश न्यास हड़सर से लेकर डल झील के बीच लगी अस्थायी दुकानों की साइज के हिसाब से पर्ची काटेगा। इसमें कुछ हिस्सा स्थानीय पंचायत को भी मिलेगा। इसमें पंचायत, प्रशासन व वन्यप्राणी विभाग के कर्मचारी साथ रहेंगे। बैठक में मणिमहेश यात्रा का कुछ हिस्सा वन्यप्राणी क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इस हिस्से में कुछ निजी संस्थाओं की ओर से अपनी मर्जी से पक्का निर्माण भी किया गया है। उन्हें तुरंत नोटिस देकर सख्त कार्रवाई करने के उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देश दिए।
हेलिकाप्टर सेवा के तहत सुल्तानपुर से भरमौर और भरमौर से गौरीकुंड तक करीब 25 हजार रुपये किराया श्रद्धालुओं को देना होगा। हालांकि, भरमौर से गौरीकुंड तक 3895 के करीब किराया लिया जाएगा।