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Chamba News: अस्पताल का लंबा सफर, एंबुलेंस में जन्मे जिंदगी के दो नए मुसाफिर
Sun, 09 Feb 2025 10:51 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 09 Feb 2025 10:51 PM IST
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नकरोड़ की रीता देवी ने एंबुलेंस में दिया नवजात को जन्म। -स्रोतः ईएनटी
चंबा। दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमित उपलब्धता के बावजूद 108 एंबुलेंस गर्भवती महिलाओं के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। ताजा मामलों में तीसा-चंबा मार्ग और भुनाड क्षेत्र में एंबुलेंस कर्मियों ने दो महिलाओं का रास्ते में ही सुरक्षित प्रसव करवाकर उनकी और नवजात की जान बचाई।
सड़क मार्ग के लंबे सफर के दौरान दो महिलाओं ने जिंदगी के दो नए मुसाफिर को जन्म दिया। पहला मामला शनिवार देर रात का है। तीसा के नकरोड़ क्षेत्र की रीता देवी पत्नी कमलेश कुमार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने 108 एंबुलेंस को कॉल किया। एंबुलेंस में उसे नकरोड़ से चंबा मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा था।
मगर मेडिकल कॉलेज से लगभग 23 किमी दूर कोटी के पास अचानक प्रसव पीड़ा तेज हो गई। स्थिति को देखते हुए ईएमटी विजय और पायलट सोनू ने देररात को तुरंत निर्णय लेकर एंबुलेंस में ही उनका सुरक्षित प्रसव करवाया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां दोनों स्वस्थ हैं।
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वहीं, दूसरे मामलों में रविवार दोपहर को शीशो देवी निवासी गांव थल, डाकघर भुनाड को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। सूचना मिलते ही ईएमटी पम्मी और पायलट अजय कुमार एंबुलेंस लेकर पहुंचे और महिला को चंबा मेडिकल कॉलेज ले जाने लगे। मगर इस दौरान करोड़ी (मेडिकल कॉलेज से 22 किमी दूर) के पास दर्द असहनीय हो गया।
इसके बाद ईएमटी ने वरिष्ठ चिकित्सक से परामर्श लेकर एंबुलेंस में ही प्रसव करवाने का फैसला किया। जच्चा-बच्चा को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां वे पूरी तरह स्वस्थ हैं।
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सड़क मार्ग के लंबे सफर के दौरान दो महिलाओं ने जिंदगी के दो नए मुसाफिर को जन्म दिया। पहला मामला शनिवार देर रात का है। तीसा के नकरोड़ क्षेत्र की रीता देवी पत्नी कमलेश कुमार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने 108 एंबुलेंस को कॉल किया। एंबुलेंस में उसे नकरोड़ से चंबा मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा था।
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मगर मेडिकल कॉलेज से लगभग 23 किमी दूर कोटी के पास अचानक प्रसव पीड़ा तेज हो गई। स्थिति को देखते हुए ईएमटी विजय और पायलट सोनू ने देररात को तुरंत निर्णय लेकर एंबुलेंस में ही उनका सुरक्षित प्रसव करवाया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां दोनों स्वस्थ हैं।
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वहीं, दूसरे मामलों में रविवार दोपहर को शीशो देवी निवासी गांव थल, डाकघर भुनाड को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। सूचना मिलते ही ईएमटी पम्मी और पायलट अजय कुमार एंबुलेंस लेकर पहुंचे और महिला को चंबा मेडिकल कॉलेज ले जाने लगे। मगर इस दौरान करोड़ी (मेडिकल कॉलेज से 22 किमी दूर) के पास दर्द असहनीय हो गया।
इसके बाद ईएमटी ने वरिष्ठ चिकित्सक से परामर्श लेकर एंबुलेंस में ही प्रसव करवाने का फैसला किया। जच्चा-बच्चा को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां वे पूरी तरह स्वस्थ हैं।