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Chamba News: टंकियों के ढक्कन गायब, बंदर लगा रहे डुबकी, वही पानी पी रहे यात्री
Sat, 07 Dec 2024 11:15 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 07 Dec 2024 11:15 PM IST
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चंबा बस अड्डा में खुला पड़ा पेयजल टंकी का ढक्कन। संवाद
चंबा। हिमाचल परिवहन निगम चंबा की ओर से नए बस अड्डे के पास में पीने के पानी के लिए रखी गईं टंकियों के ढक्कन गायब हो गए हैं। इस कारण गंदगी का सामना यात्रियों को करना पड़ रहा है। टंकियों के खुले ढक्कन से जहां बंदर पानी में डुबकी लगा रहे हैं, वहीं यह पानी यात्री पीते हैं जबकि कैंटीन और दुकानों में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।
हालत यह हैं कि निगम प्रबंधन ने इन टंकियों की देखरेख करना भूल दिया है, जिससे यात्रियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा हो गया है। निगम ने न तो पानी की टंकियों की सफाई करवाने की कोई व्यवस्था की और न ही टंकियों के ढक्कन की स्थिति पर ध्यान दिया। खुले टंकियों में धूल, मिट्टी और गंदगी भर चुकी है, जिससे पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। यही नहीं, एचआरटीसी के अधिकारी और कर्मचारी भी खुले टंकियों का पानी पीने को मजबूर हैं, जबकि इन टंकियों के भीतर गंदगी और संक्रामक तत्व हो सकते हैं। इसके बावजूद निगम प्रशासन का ध्यान इस मुद्दे पर नहीं गया है और न ही कभी इन टंकियों की जांच कराई गई है।
एचआरटीसी के डीडीएम शूगल सिंह ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यह मामला हमारे ध्यान में लाया गया है और अब इसकी पूरी जानकारी एकत्रित की जाएगी। इस स्थिति से यह साफ है कि निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, खासकर जब यात्रियों के स्वास्थ्य की बात हो। समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो यह बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
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हालत यह हैं कि निगम प्रबंधन ने इन टंकियों की देखरेख करना भूल दिया है, जिससे यात्रियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा हो गया है। निगम ने न तो पानी की टंकियों की सफाई करवाने की कोई व्यवस्था की और न ही टंकियों के ढक्कन की स्थिति पर ध्यान दिया। खुले टंकियों में धूल, मिट्टी और गंदगी भर चुकी है, जिससे पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। यही नहीं, एचआरटीसी के अधिकारी और कर्मचारी भी खुले टंकियों का पानी पीने को मजबूर हैं, जबकि इन टंकियों के भीतर गंदगी और संक्रामक तत्व हो सकते हैं। इसके बावजूद निगम प्रशासन का ध्यान इस मुद्दे पर नहीं गया है और न ही कभी इन टंकियों की जांच कराई गई है।
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एचआरटीसी के डीडीएम शूगल सिंह ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यह मामला हमारे ध्यान में लाया गया है और अब इसकी पूरी जानकारी एकत्रित की जाएगी। इस स्थिति से यह साफ है कि निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, खासकर जब यात्रियों के स्वास्थ्य की बात हो। समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो यह बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
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