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Chamba News: नशा मिला तो घर भेजा जाएगा फोटाे, स्कूल से भी कटेगा नाम
Thu, 13 Jun 2024 10:31 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 13 Jun 2024 10:31 PM IST
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चंबा। स्कूल में जंक फूड के सेवन और मोबाइल लाने पर रोक लगाने के कन्या स्कूल चंबा की पहल के बाद बॉयज स्कूल चंबा ने भी छात्रों को नशे से दूर रखने का बीड़ा उठाया है।
इसके लिए स्कूल प्रबंधन ने एक कमेटी बना दी है। यह कमेटी छात्रों के बैग के साथ उनकी जेबों की तलाशी लेती है। छात्रों के पास नशे के सेवन करने वाली या नशीली वस्तु मिलती है तो इसकी फोटो खींचकर अभिभावकों को भेजी जाती है। उन्हें स्कूल में बुलाया जाता है। इस दौरान हिदायत देकर छात्र को सुधरने का एक मौका दिया जाता है। यदि फिर भी कोई बच्चा नशीली वस्तु के साथ पकड़ा जाता है तो उसका नाम विद्यालय से काट दिया जाता है। स्कूल में मोबाइल लेकर आने पर भी रोक है।
आदर्श बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चंबा की इस पहल की खूब प्रशंसा हो रही है। कमेटी में शामिल अध्यापक स्कूल लगने के समय मुख्य गेट, कक्षाओं में जाकर या खाली पीरियड में भी विद्यार्थियों की चेकिंग करते हैं। आदर्श बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सबसे पुराना विद्यालय हैं। यहां से पढ़ाई के बाद छात्र बड़े-बड़े ओहदों पर हैं। प्रधानाचार्य जितेंद्र जंदरोटिया ने भी यहीं से पढ़ाई की है। वर्तमान में उन्होंने पढ़ाई के साथ बच्चों को नशे की गर्त से बचाने के लिए अपने स्तर पर विशेष प्रयास शुरू किए हैं। इसके तहत बनाई कमेटी के सदस्य बच्चों के बैग, जेबों की चेकिंग कर नशीली वस्तुओं को पकड़ने का काम कर रहे हैं। विद्यालय में मोबाइल लाने पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध है।
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प्रधानाचार्य जितेंद्र जंदरोटिया ने कहा कि नशे से छात्रों को बचाने के लिए एक कमेटी बनाई है। कमेटी बच्चों के बैग और जेबें चेक करती है। किसी छात्र से कोई नशीली वस्तु मिलती है तो उसकी फोटो खींचकर परिजनों को भेजी जाती है। उन्हें स्कूल भी बुलाया जाता है। इसके बाद अंतिम हिदायत के बाद छात्र को सुधरने का मौका दिया जाता है। इसके बाद भी यदि छात्र पुन: नशीली वस्तु के साथ पकड़ा जाता है तो उसका विद्यालय से नाम काट दिया जाएगा।
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इसके लिए स्कूल प्रबंधन ने एक कमेटी बना दी है। यह कमेटी छात्रों के बैग के साथ उनकी जेबों की तलाशी लेती है। छात्रों के पास नशे के सेवन करने वाली या नशीली वस्तु मिलती है तो इसकी फोटो खींचकर अभिभावकों को भेजी जाती है। उन्हें स्कूल में बुलाया जाता है। इस दौरान हिदायत देकर छात्र को सुधरने का एक मौका दिया जाता है। यदि फिर भी कोई बच्चा नशीली वस्तु के साथ पकड़ा जाता है तो उसका नाम विद्यालय से काट दिया जाता है। स्कूल में मोबाइल लेकर आने पर भी रोक है।
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आदर्श बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चंबा की इस पहल की खूब प्रशंसा हो रही है। कमेटी में शामिल अध्यापक स्कूल लगने के समय मुख्य गेट, कक्षाओं में जाकर या खाली पीरियड में भी विद्यार्थियों की चेकिंग करते हैं। आदर्श बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सबसे पुराना विद्यालय हैं। यहां से पढ़ाई के बाद छात्र बड़े-बड़े ओहदों पर हैं। प्रधानाचार्य जितेंद्र जंदरोटिया ने भी यहीं से पढ़ाई की है। वर्तमान में उन्होंने पढ़ाई के साथ बच्चों को नशे की गर्त से बचाने के लिए अपने स्तर पर विशेष प्रयास शुरू किए हैं। इसके तहत बनाई कमेटी के सदस्य बच्चों के बैग, जेबों की चेकिंग कर नशीली वस्तुओं को पकड़ने का काम कर रहे हैं। विद्यालय में मोबाइल लाने पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध है।
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प्रधानाचार्य जितेंद्र जंदरोटिया ने कहा कि नशे से छात्रों को बचाने के लिए एक कमेटी बनाई है। कमेटी बच्चों के बैग और जेबें चेक करती है। किसी छात्र से कोई नशीली वस्तु मिलती है तो उसकी फोटो खींचकर परिजनों को भेजी जाती है। उन्हें स्कूल भी बुलाया जाता है। इसके बाद अंतिम हिदायत के बाद छात्र को सुधरने का मौका दिया जाता है। इसके बाद भी यदि छात्र पुन: नशीली वस्तु के साथ पकड़ा जाता है तो उसका विद्यालय से नाम काट दिया जाएगा।