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Chamba News: मृत व्यक्ति के नाम पीएमएवाई-जी में आवास मंजूर, एडीसी ने शुरू की जांच

Fri, 11 Sep 2026 10:18 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Fri, 11 Sep 2026 10:18 PM IST
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Housing sanctioned under PMAY-G in the name of a deceased person; ADC initiates inquiry.
सेईकोठी में पीएमएवाई-जी की सूची पर सवाल, एडीसी ने मौके पर पहुंचकर खंगाले दस्तावेज
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1.30 लाख की मंजूरी और 65 हजार की पहली किस्त का दावा, दो-तीन दिन में तय होगी जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत सेईकोठी में मृत व्यक्ति के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत आवास मंजूर किए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है।
शुक्रवार को एडीसी चंबा अमित मेहरा पंचायत पहुंचे और योजना से संबंधित रिकॉर्ड को खंगाला। लाभार्थी सूची, पंचायत रिकॉर्ड और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई है।
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प्रशासन के अनुसार दस्तावेजों की जांच अगले दो-तीन दिनों में पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद यह तय होगा कि लाभार्थी के चयन से लेकर पहली किस्त जारी करने तक की प्रक्रिया में किस स्तर पर चूक हुई। जांच में अनियमितता सामने आने पर संबंधित कर्मचारी की जवाबदेही तय करने के साथ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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मामला पंचायत सनवाल के मकन गांव निवासी मान सिंह पुत्र कर्म चंद की शिकायत के बाद सामने आया। शिकायतकर्ता ने निदेशक, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग को शिकायत भेजकर विभागीय जांच, सरकारी धन की वसूली और दोषियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।
शिकायत के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 में सेईकोठी पंचायत के ओहला गांव में पीएमएवाई-जी के लाभार्थियों की सूची तैयार की गई थी। इसमें लाभार्थी आईडी एचपी 115031476 के तहत भागी पुत्र दसरावन, निवासी नरवाड़, का नाम दर्ज होने की बात कही गई है।
शिकायतकर्ता ने संबंधित मृत्यु प्रमाणपत्र का हवाला देते हुए कहा है कि भागी की मृत्यु 12 मार्च 2024 को हो चुकी थी। प्रमाणपत्र की पंजीकरण संख्या डी-2020, 2.00056-000007 दर्ज है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि परिवार रजिस्टर में भागी और उसकी पत्नी मालती के नाम दर्ज थे और दोनों की मृत्यु हो चुकी है।

इसके बावजूद योजना के तहत 1.30 लाख रुपये की सहायता मंजूर होने और 65 हजार रुपये की पहली किस्त जारी किए जाने का आरोप है। अब जांच में कागजों पर दर्ज लाभार्थी और वास्तविक स्थिति का मिलान किया जाएगा। एडीसी अमित मेहरा ने कहा कि जांच शुरू कर दी गई है। दोषी पाए जाने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
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