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Chamba News: बच्चों की स्वास्थ्य जांच रुकी, आभा कार्ड बनाने में जुटीं टीमें
Wed, 25 Oct 2023 11:08 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 25 Oct 2023 11:08 PM IST
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चंबा। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य की जांच रुक गई है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य टीमें बच्चों की जांच कर रही थीं, लेकिन एक महीने से इन टीमों की ड्यूटी स्वास्थ्य विभाग ने आभा कार्ड बनाने के लिए लगा दी हैं।
इससे जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य की जांच अधर में लटक गई है। इस कार्यक्रम के तहत गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चे की पहचान कर उसके इलाज की मुफ्त व्यवस्था की जाती है। कार्यक्रम के तहत जिला चंबा में आधा दर्जन से अधिक हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को नया जीवन मिल चुका है। उन बच्चों की बीमारी का इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में हुआ। इसके लिए अभिभावकों को कोई पैसा नहीं खर्च करना पड़ा।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में 13 मोबाइल हेल्थ टीमें कार्य कर रही हैं। इनमें चिकित्सक, फार्मेसी अफसर सहित आशा वर्कर को शामिल किया गया है। वे रोजाना दूरदराज के इलाकों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूलों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करते हैं। एक महीने से ये टीमें लोगों के घर-घर जाकर आभा कार्ड बना रही हैं। इससे पहले भी एसा हो चुका है। जब भी विभाग जिले में कोई अभियान चलाता है तो आरबीएसके की टीमों की ड्यूटी लगाई जाती है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया थम जाती है।
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उधर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर जालम सिंह ने बताया कि आरबीएसके की टीमों को आभा कार्ड बनाने के अभियान में लगाया गया है। यह अभियान अंतिम चरण में हैं। जल्द ही टीमों को आरबीएसके के तहत बच्चों की स्वास्थ्य जांच में वापस भेज दिया जाएगा।
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इससे जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य की जांच अधर में लटक गई है। इस कार्यक्रम के तहत गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चे की पहचान कर उसके इलाज की मुफ्त व्यवस्था की जाती है। कार्यक्रम के तहत जिला चंबा में आधा दर्जन से अधिक हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को नया जीवन मिल चुका है। उन बच्चों की बीमारी का इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में हुआ। इसके लिए अभिभावकों को कोई पैसा नहीं खर्च करना पड़ा।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में 13 मोबाइल हेल्थ टीमें कार्य कर रही हैं। इनमें चिकित्सक, फार्मेसी अफसर सहित आशा वर्कर को शामिल किया गया है। वे रोजाना दूरदराज के इलाकों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूलों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करते हैं। एक महीने से ये टीमें लोगों के घर-घर जाकर आभा कार्ड बना रही हैं। इससे पहले भी एसा हो चुका है। जब भी विभाग जिले में कोई अभियान चलाता है तो आरबीएसके की टीमों की ड्यूटी लगाई जाती है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया थम जाती है।
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उधर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर जालम सिंह ने बताया कि आरबीएसके की टीमों को आभा कार्ड बनाने के अभियान में लगाया गया है। यह अभियान अंतिम चरण में हैं। जल्द ही टीमों को आरबीएसके के तहत बच्चों की स्वास्थ्य जांच में वापस भेज दिया जाएगा।