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सलूणी में औलावृष्टि ने मटर की फसल को पहुंचाया नुक्सान
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सलूणी (चंबा)। विकास खंड सलूणी में शनिवार दोपहर बाद ओलावृष्टि होने से मटर की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इससे लोगों के खेतों में लगी मटर की फसल बरबाद हो गई। इस कारण किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है। मटर की फसल को लेकर किसान कई महीनों से कड़ी मेहनत कर रहे थे, जिससे उन्हें अच्छी पैदावार होने से बढ़िया दाम मिल सके।
लॉक डाउन की वजह से किसानों को मटर बेचने में पहले ही परेशानी हो रही थी। ऐसे में ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। मटर की फसल के अलावा बागवानों के सेब के बगीचों को भी ओलावृष्टि से नुकसान पहुंचा है। सेब के पौधों में इन दिनों फ्लावरिंग हो रही है। ऐसे में ओलावृष्टि होने से पौधों से फूल झड़ गए हैं। जोकि बागवानों के लिए अच्छे संकेत नहीं है।
अच्छी फ्लावरिंग न होने से सेब की बढ़िया पैदावार नहीं होगा। इससे बागवानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। शनिवार को सलूणी, किलोड़, सूरी, खरल, भांदल, किहार और स्नूह सहित अन्य क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि हुई। प्रभावित किसानों और बागवानों ने जिला प्रशासन और विभागों से फसल के नुकसान के बदले आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई है।
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लॉक डाउन की वजह से किसानों को मटर बेचने में पहले ही परेशानी हो रही थी। ऐसे में ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। मटर की फसल के अलावा बागवानों के सेब के बगीचों को भी ओलावृष्टि से नुकसान पहुंचा है। सेब के पौधों में इन दिनों फ्लावरिंग हो रही है। ऐसे में ओलावृष्टि होने से पौधों से फूल झड़ गए हैं। जोकि बागवानों के लिए अच्छे संकेत नहीं है।
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अच्छी फ्लावरिंग न होने से सेब की बढ़िया पैदावार नहीं होगा। इससे बागवानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। शनिवार को सलूणी, किलोड़, सूरी, खरल, भांदल, किहार और स्नूह सहित अन्य क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि हुई। प्रभावित किसानों और बागवानों ने जिला प्रशासन और विभागों से फसल के नुकसान के बदले आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई है।
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