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Chamba News: दांतों के इलाज को जाना पड़ रहा 65 किमी दूर
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तीसा (चंबा)। नागरिक अस्पताल तीसा में पिछले 10 वर्षो से दंत चिकित्सक तैनात नहीं हैं। जिस कारण लोगों को अपने दांतों की बीमारी का इलाज करवाने के लिए 65 किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज चंबा जाना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों की दिक्कतें काफी बढ़ चुकी हैं। ग्रामीणों का मानना है कि लाखों रुपये की मशीनें होने के बावजूद भी वे धूल हांफ रही हैं। इतना ही नहीं, दंत चिकित्सक की ओपीडी में भी ताला लटका रहता है। जो मरीज चंबा अस्पताल जाने को असमर्थ हैं।
उन्हें मजबूरन निजी लैबों में जाकर अपने दांत की बीमारी का उपचार करवाना पड़ता है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों में केशव राम, किशोर चंद, योग राज, हेम राज, जोगिंद्र कुमार और लोकेश कुमार का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च करके नागरिक अस्पताल तीसा को तैयार किया है। बावजूद, इसके यहां अव्यवस्था का आलम हैं। यहां आज तक पूरा स्टाफ नहीं नियुक्त किया गया है। हालांकि, क्षेत्र की लगभग 55 पंचायतों की एक लाख से अधिक आबादी इसी अस्पताल पर निर्भर रहती है। जिन्हें मजबूरन दांतों का इलाज करवाने के लिए जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ रहा है। कई बार ग्रामीणों ने दंत चिकित्सक की तैनाती को लेकर मांग उठाई है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। नजदीक अस्पताल होने के बाद लोगों को दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
कार्यकारी बीएमओ तीसा डॉ. ऋषि पूरी का कहना है कि विभागीय बैठक में कई बार इस मुद्दे को उठाया गया है। इसके अलावा उच्चाधिकारी को अवगत करवाया जा चुका है।
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उन्हें मजबूरन निजी लैबों में जाकर अपने दांत की बीमारी का उपचार करवाना पड़ता है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों में केशव राम, किशोर चंद, योग राज, हेम राज, जोगिंद्र कुमार और लोकेश कुमार का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च करके नागरिक अस्पताल तीसा को तैयार किया है। बावजूद, इसके यहां अव्यवस्था का आलम हैं। यहां आज तक पूरा स्टाफ नहीं नियुक्त किया गया है। हालांकि, क्षेत्र की लगभग 55 पंचायतों की एक लाख से अधिक आबादी इसी अस्पताल पर निर्भर रहती है। जिन्हें मजबूरन दांतों का इलाज करवाने के लिए जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ रहा है। कई बार ग्रामीणों ने दंत चिकित्सक की तैनाती को लेकर मांग उठाई है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। नजदीक अस्पताल होने के बाद लोगों को दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
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कार्यकारी बीएमओ तीसा डॉ. ऋषि पूरी का कहना है कि विभागीय बैठक में कई बार इस मुद्दे को उठाया गया है। इसके अलावा उच्चाधिकारी को अवगत करवाया जा चुका है।