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प्रदेश के अन्य जिलों में भी सरकार लागू करेगी वन अधिकार अधिनियम : नेगी
Wed, 26 Jun 2024 10:44 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 26 Jun 2024 10:44 PM IST
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पांगी/चंबा। किलाड़ में वन अधिकार अधिनियम 2006 के संबंध में कार्यशाला हुई। इसकी अध्यक्षता राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और लोगों को वन अधिकार अधिनियम के बारे
में बताया। मंत्री ने बताया कि सरकार वन अधिकार अधिनियम 2006 को जनजातीय जिलों के साथ प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी शीघ्र लागू करेगी।
कहा कि इस अधिनियम को सर्वप्रथम प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में लागू किया जाएगा। इसके बाद प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी इसे लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के कुछ पहलुओं के कारण अधिकारियों की ओर से व्यक्तिगत और सामूहिक मामलों को स्वीकृति नहीं दी जा रही थी। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए वन अधिनियम 2006 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शिमला में जनजातीय क्षेत्रों के डीसी, एसडीएम और निगम अधिकारियों सहित गैर सरकारी सदस्यों के अलावा पंचायती राज से संबंधित सदस्यों की एक कार्यशाला करवाई गई। इसमें वन अधिकार अधिनियम 2006 से संबंधित हर पहलू को पूरी तरह से स्पष्ट किया गया। राजस्व एवं बागवानी मंत्री ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम 2006 एक ऐसा ऐतिहासिक कानून है। इसमें पंचायतों में होने वाली ग्राम सभाओं को वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत जमीन देने का अधिकार प्राप्त है। इसके लिए ग्राम सभा में 50 प्रतिशत की उपस्थिति होना अनिवार्य है। 10 प्रतिशत महिलाओं का होना जरूरी है।
नेगी ने उपमंडल मुख्यालय की किलाड़ में निर्माणाधीन लघु सचिवालय भवन, बस अड्डा परिसर और अस्पताल भवन का दौरा भी किया। संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने सहित अन्य निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में मरीजों को दी जा रहीं सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। मरीजों से बातचीत की।
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मंत्री ने पांगी घाटी पहुंचने पर सर्वप्रथम क्षेत्र के प्रसिद्ध मिंधल माता मंदिर में माता टेका। किलाड़ पहुंचने पर क्षेत्र वासियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रदेश पुलिस के जवानों ने मंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
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में बताया। मंत्री ने बताया कि सरकार वन अधिकार अधिनियम 2006 को जनजातीय जिलों के साथ प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी शीघ्र लागू करेगी।
कहा कि इस अधिनियम को सर्वप्रथम प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में लागू किया जाएगा। इसके बाद प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी इसे लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के कुछ पहलुओं के कारण अधिकारियों की ओर से व्यक्तिगत और सामूहिक मामलों को स्वीकृति नहीं दी जा रही थी। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए वन अधिनियम 2006 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शिमला में जनजातीय क्षेत्रों के डीसी, एसडीएम और निगम अधिकारियों सहित गैर सरकारी सदस्यों के अलावा पंचायती राज से संबंधित सदस्यों की एक कार्यशाला करवाई गई। इसमें वन अधिकार अधिनियम 2006 से संबंधित हर पहलू को पूरी तरह से स्पष्ट किया गया। राजस्व एवं बागवानी मंत्री ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम 2006 एक ऐसा ऐतिहासिक कानून है। इसमें पंचायतों में होने वाली ग्राम सभाओं को वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत जमीन देने का अधिकार प्राप्त है। इसके लिए ग्राम सभा में 50 प्रतिशत की उपस्थिति होना अनिवार्य है। 10 प्रतिशत महिलाओं का होना जरूरी है।
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नेगी ने उपमंडल मुख्यालय की किलाड़ में निर्माणाधीन लघु सचिवालय भवन, बस अड्डा परिसर और अस्पताल भवन का दौरा भी किया। संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने सहित अन्य निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में मरीजों को दी जा रहीं सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। मरीजों से बातचीत की।
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मंत्री ने पांगी घाटी पहुंचने पर सर्वप्रथम क्षेत्र के प्रसिद्ध मिंधल माता मंदिर में माता टेका। किलाड़ पहुंचने पर क्षेत्र वासियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रदेश पुलिस के जवानों ने मंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।