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बालिका आश्रम सुराड़ा का होगा कायाकल्प : न्यायमूर्ति तरलोक
Sat, 05 Oct 2024 09:54 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 05 Oct 2024 09:54 PM IST
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चंबा। बालिका आश्रम सुराड़ा का कायाकल्प करवाने समेत संस्थान में 24 घंटे वार्डन की व्यवस्था करने के हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान ने निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने अधिकारियों को समय-समय पर बालिका आश्रम सुराड़ा में रहने वाले बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाने की बात भी कही है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने शुक्रवार को बालिका आश्रम सुराड़ा का औचक निरीक्षण करने के बाद यह आदेश जारी किए।
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश तरलोक सिंह चौगान चंबा पहुंचे। उन्होंने ऐतिहासिक लक्ष्मीनाथ मंदिर में शीश नवाजा। इससे पूर्व वह औचक निरीक्षण करने के लिए बालिका आश्रम सुराड़ा में पहुंचे। सूत्र बताते हैं कि बालिका आश्रम सुराड़ा में रंग-रोगन उखड़ने लगा है। इसके अलावा भवन की भी मरम्मत होना बेहद जरूरी हो चुका है। उन्होंने पाया कि आश्रम में बालिकाओं के साथ भी 24 घंटे कोई भी वार्डन नहीं रहता है। सुबह दस बजे से सायं पांच बजे तक ही कर्मी तैनात रहते हैं। लिहाजा, न्यायाधीश ने यहां वार्डन को रखने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बालिकाओं को शैक्षणिक भ्रमण करवाने की भी बात कही। संवाद
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उन्होंने अधिकारियों को समय-समय पर बालिका आश्रम सुराड़ा में रहने वाले बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाने की बात भी कही है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने शुक्रवार को बालिका आश्रम सुराड़ा का औचक निरीक्षण करने के बाद यह आदेश जारी किए।
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उच्च न्यायालय के न्यायाधीश तरलोक सिंह चौगान चंबा पहुंचे। उन्होंने ऐतिहासिक लक्ष्मीनाथ मंदिर में शीश नवाजा। इससे पूर्व वह औचक निरीक्षण करने के लिए बालिका आश्रम सुराड़ा में पहुंचे। सूत्र बताते हैं कि बालिका आश्रम सुराड़ा में रंग-रोगन उखड़ने लगा है। इसके अलावा भवन की भी मरम्मत होना बेहद जरूरी हो चुका है। उन्होंने पाया कि आश्रम में बालिकाओं के साथ भी 24 घंटे कोई भी वार्डन नहीं रहता है। सुबह दस बजे से सायं पांच बजे तक ही कर्मी तैनात रहते हैं। लिहाजा, न्यायाधीश ने यहां वार्डन को रखने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बालिकाओं को शैक्षणिक भ्रमण करवाने की भी बात कही। संवाद
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