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दस्ताने पहने बिना परोसा जा रहा मरीजों को खाना
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चंबा। दिन: सोमवार। स्थान: पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा। समय: सुबह 11:00 बजे। वार्डों में भर्ती मरीजों को खाना परोसा जा रहा है। दो लोग खाने से भरी ट्राली से मरीजों को खाना परोस रहे हैं।
इन लोगों ने न हाथों में दस्ताने पहने हैं और न ही सिर ढकने के लिए टोपी। खुले हाथों से मरीजों को खाना परोसा जा रहा है। आलम यह है कि एक व्यक्ति के हाथ में पट्टी बंधी हुई है जिसे देख लग रहा है कि उसे चोट लगी है। इसमें उसने दवाई भी लगा रखी है। उन्हीं हाथों से मरीजों को चपाती उठाकर दी जा रही है। पट्टी बार-बार चपातियों के साथ लग रही है। उन्हीं चपातियों को मरीज खा रहे हैं। मुंह पर दिखाने के लिए मास्क लगा रखा है जो सही तरीके से नहीं पहना है। तीमारदार खाना लेने के लिए थाली लेकर वार्ड के बाहर आ रहे हैं। मरीजों को उनके बिस्तर पर खाना नहीं दिया जा रहा है। खाने की ट्राली लेकर रसोई घर के कर्मचारी जिस वार्ड में जा रहे हैं वहां मरीजों को खाना लेने के लिए आवाज लगाई जा रही है। उसके बाद मरीज या तीमारदार थाली लेकर स्वयं उनके पास खाना लेने पहुंच रहे हैं। संवाददाता ने जब रसोईघर की व्यवस्था को चेक किया तो वहां पर खिड़की की जाली टूटी हुई पाई गई। हवा के साथ धूल सीधी अंदर पहुंच रही है। दीवारों से रंगरोगन उखड़ चुका है। रसोईघर के धुएं को बाहर निकालने वाला पंखा खराब पड़ा हुआ है। टाइलें उखड़ चुकी हैं। इसके अलावा रसोईघर का दरवाजा भी टूटा हुआ है। हर कोई सीधा रसोईघर में घुस रहा है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि रसोईघर के कर्मचारियों को खाना देते समय दस्ताने, मास्क और टोपी पहनने के निर्देश दिए जाएंगे। इसके साथ ही रसोईघर में भी जल्द रंगरोगन करवाया जाएगा।
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इन लोगों ने न हाथों में दस्ताने पहने हैं और न ही सिर ढकने के लिए टोपी। खुले हाथों से मरीजों को खाना परोसा जा रहा है। आलम यह है कि एक व्यक्ति के हाथ में पट्टी बंधी हुई है जिसे देख लग रहा है कि उसे चोट लगी है। इसमें उसने दवाई भी लगा रखी है। उन्हीं हाथों से मरीजों को चपाती उठाकर दी जा रही है। पट्टी बार-बार चपातियों के साथ लग रही है। उन्हीं चपातियों को मरीज खा रहे हैं। मुंह पर दिखाने के लिए मास्क लगा रखा है जो सही तरीके से नहीं पहना है। तीमारदार खाना लेने के लिए थाली लेकर वार्ड के बाहर आ रहे हैं। मरीजों को उनके बिस्तर पर खाना नहीं दिया जा रहा है। खाने की ट्राली लेकर रसोई घर के कर्मचारी जिस वार्ड में जा रहे हैं वहां मरीजों को खाना लेने के लिए आवाज लगाई जा रही है। उसके बाद मरीज या तीमारदार थाली लेकर स्वयं उनके पास खाना लेने पहुंच रहे हैं। संवाददाता ने जब रसोईघर की व्यवस्था को चेक किया तो वहां पर खिड़की की जाली टूटी हुई पाई गई। हवा के साथ धूल सीधी अंदर पहुंच रही है। दीवारों से रंगरोगन उखड़ चुका है। रसोईघर के धुएं को बाहर निकालने वाला पंखा खराब पड़ा हुआ है। टाइलें उखड़ चुकी हैं। इसके अलावा रसोईघर का दरवाजा भी टूटा हुआ है। हर कोई सीधा रसोईघर में घुस रहा है।
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चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि रसोईघर के कर्मचारियों को खाना देते समय दस्ताने, मास्क और टोपी पहनने के निर्देश दिए जाएंगे। इसके साथ ही रसोईघर में भी जल्द रंगरोगन करवाया जाएगा।
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