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Chamba News: कर्मचारियों को मिला सेवानिवृत्त पटवारी और कानूनगो का साथ
Sat, 27 Jul 2024 10:10 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 27 Jul 2024 10:10 PM IST
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पटवारी कानूनगो संघ उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए। संवाद
चंबा। मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के पदाधिकारियों के समर्थन में सेवानिवृत्त पटवारी एवं कानूनगो संघ के पदाधिकारी भी उतर आए हैं। उन्होंने उपायुक्त मुकेश रेपसवाल के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा है।
सरकार से मांग की है कि कर्मचारियों की मांगों को जल्द पूरा किया जाए। सेवानिवृत्त कानूनगो एवं पटवार महासंघ के पूर्व अध्यक्ष अजय सिंह, महेश नाथ, ठांठू राम, हरीश कुमार और अनिल कुमार ने बताया कि उन्होंने जानकारी मिली है कि सरकार कानूनगो एवं पटवारी के पदों को जिला संवर्ग से बदलकर राज्य संवर्ग में परिवर्तित करने जा रही है। यह तर्कसंगत नहीं है। बताया कि सरकार की ओर से राजस्व विभाग के निम्न स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों को मूलभूत सुविधाएं दिए बिना मात्र 259 रुपये मासिक राशि देकर समस्त राजस्व कार्याें को ऑनलाइन माध्यम से निष्पादित करने के लिए बाध्य किया जा रहा है। ऐसे में पटवारी एवं कानूनगो हड़ताल पर चले गए हैं। सरकार आंदोलनकारी कर्मचारियों की जगह सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवाएं लेने की योजना बना रही है, लेकिन वे सरकार की योजना का विरोध करते हैं। वे अपनी सेवाएं नहीं देंगे। सरकार को इन कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मांग की है कि कर्मचारियों की मांगों को पूरा किया जाए।
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सरकार से मांग की है कि कर्मचारियों की मांगों को जल्द पूरा किया जाए। सेवानिवृत्त कानूनगो एवं पटवार महासंघ के पूर्व अध्यक्ष अजय सिंह, महेश नाथ, ठांठू राम, हरीश कुमार और अनिल कुमार ने बताया कि उन्होंने जानकारी मिली है कि सरकार कानूनगो एवं पटवारी के पदों को जिला संवर्ग से बदलकर राज्य संवर्ग में परिवर्तित करने जा रही है। यह तर्कसंगत नहीं है। बताया कि सरकार की ओर से राजस्व विभाग के निम्न स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों को मूलभूत सुविधाएं दिए बिना मात्र 259 रुपये मासिक राशि देकर समस्त राजस्व कार्याें को ऑनलाइन माध्यम से निष्पादित करने के लिए बाध्य किया जा रहा है। ऐसे में पटवारी एवं कानूनगो हड़ताल पर चले गए हैं। सरकार आंदोलनकारी कर्मचारियों की जगह सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवाएं लेने की योजना बना रही है, लेकिन वे सरकार की योजना का विरोध करते हैं। वे अपनी सेवाएं नहीं देंगे। सरकार को इन कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मांग की है कि कर्मचारियों की मांगों को पूरा किया जाए।
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