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बिजली संशोधन बिल के विरोध में चंबा में गरजे बोर्ड कर्मचारी
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बिजली बोर्ड के निजीकरण के खिलाफ शहर में रैली निकालते विभिन्न कर्मचारी संगठन के पदधिकारी व सदस्य?
- फोटो : Chamba
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चंबा। बिजली संशोधन बिल और बिजली बोर्ड के निजीकरण के विरोध में बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार और बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कर्मचारियों ने बिजली बोर्ड कार्यालय से लेकर पूरे बाजार में आक्रोश रैली भी निकाली।
रैली के जरिये कर्मचारियों ने सरकार के प्रति अपना गुस्सा निकाला। इस दौरान कर्मचारियों प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। रैली उपायुक्त कार्यालय के गेट में जाकर समाप्त हुई। यहां कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने मांगों संबंधित एक ज्ञापन उपायुक्त डीसी राणा को सौंपा। इस ज्ञापन के जरिये कर्मचारियों ने मांगों को पूरा करने की मांग रखी। बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के इस प्रदर्शन में अन्य विभागों की कर्मचारी यूनियनों ने भी सहयोग दिया।
बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के राज्य मुख्य सलाहकार अनिल कुमार वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि बिजली संशोधन बिल 2021 को सरकार वापस नहीं लेती है, तो कर्मचारी इसके विरोध में आंदोलन करेंगे। इसके साथ केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों केे सरकारी क्षेत्र की बिजली कंपनियों के निजीकरण को बंद किया जाए। बिजली क्षेत्र के साथ-साथ अन्य विभागों में पुरानी पेंशन प्रणाली को बहाल किया जाएगा।
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कर्मचारियों ने मांग उठाई कि बिजली बोर्ड में खाली पदों को शीघ्र भरा जाए। बिजली बोर्ड में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को तेलंगाना की तर्ज पर नियमित किया जाए। इसके अलावा उनकी यूनियन ने फिक्सड टर्म इंपलायमेंट का भी विरोध किया है। उन्होंने कहा कि अगर बिजली बोर्ड का निजीकरण होता है, तो कर्मचारियों की सेवा शर्तें तो प्रभावित होंगी, उसके साथ सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन भी खत्म हो जाएगी। जोकि उनके बुढ़ापे का सहारा होती है। निजी कंपनियां मनमाने तरीके से उपभोक्ताओं से बिजली के दाम वसूलेंगी।
इस मौके पर न्यू पेंशन कर्मचारी संघ अध्यक्ष सुनील जरयाल, विद्युत पेंशन संघ से आत्मा राम, जेई एसोसिएशन से जयेश, प्रियंका, विनित ठाकुर, पावर इंजीनियर एसोसिएशन से राज सिंह, अजय भारद्वाज, ललित शर्मा, अनिल वर्मा, दरबारी लाल, मुकेश कुमार, रवि कुमार और प्रताप चौहान सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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रैली के जरिये कर्मचारियों ने सरकार के प्रति अपना गुस्सा निकाला। इस दौरान कर्मचारियों प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। रैली उपायुक्त कार्यालय के गेट में जाकर समाप्त हुई। यहां कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने मांगों संबंधित एक ज्ञापन उपायुक्त डीसी राणा को सौंपा। इस ज्ञापन के जरिये कर्मचारियों ने मांगों को पूरा करने की मांग रखी। बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के इस प्रदर्शन में अन्य विभागों की कर्मचारी यूनियनों ने भी सहयोग दिया।
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बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के राज्य मुख्य सलाहकार अनिल कुमार वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि बिजली संशोधन बिल 2021 को सरकार वापस नहीं लेती है, तो कर्मचारी इसके विरोध में आंदोलन करेंगे। इसके साथ केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों केे सरकारी क्षेत्र की बिजली कंपनियों के निजीकरण को बंद किया जाए। बिजली क्षेत्र के साथ-साथ अन्य विभागों में पुरानी पेंशन प्रणाली को बहाल किया जाएगा।
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कर्मचारियों ने मांग उठाई कि बिजली बोर्ड में खाली पदों को शीघ्र भरा जाए। बिजली बोर्ड में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को तेलंगाना की तर्ज पर नियमित किया जाए। इसके अलावा उनकी यूनियन ने फिक्सड टर्म इंपलायमेंट का भी विरोध किया है। उन्होंने कहा कि अगर बिजली बोर्ड का निजीकरण होता है, तो कर्मचारियों की सेवा शर्तें तो प्रभावित होंगी, उसके साथ सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन भी खत्म हो जाएगी। जोकि उनके बुढ़ापे का सहारा होती है। निजी कंपनियां मनमाने तरीके से उपभोक्ताओं से बिजली के दाम वसूलेंगी।
इस मौके पर न्यू पेंशन कर्मचारी संघ अध्यक्ष सुनील जरयाल, विद्युत पेंशन संघ से आत्मा राम, जेई एसोसिएशन से जयेश, प्रियंका, विनित ठाकुर, पावर इंजीनियर एसोसिएशन से राज सिंह, अजय भारद्वाज, ललित शर्मा, अनिल वर्मा, दरबारी लाल, मुकेश कुमार, रवि कुमार और प्रताप चौहान सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।