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अमर उजाला शिक्षा अभियान : वर्क बुक से किया जा रहा बेसिक ज्ञान सुधारने का प्रयास
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चंबा। कोरोना के चलते दो साल तक स्कूल बंद रहने के कारण बच्चों का बेसिक ज्ञान कम हुआ है। बच्चों की सीटिंग कैपेसिटी भी प्रभावित हुई है। स्कूल खुलने के बाद अब मॉनीटरिंग के लिए शिक्षा विभाग के अफसर भी दौड़ लगा रहे हैं। नियमित निरीक्षण कर व्यवस्था जांची जा रही है। साथ ही अध्यापकों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। सामने आ रहा है कि बच्चों का बेसिक ज्ञान काफी प्रभावित हुआ है। बच्चों की लिखाई बिगड़ गई है। स्कूलों में पहुंच रहे उच्चाधिकारी भी बच्चों का शिक्षा स्तर जांच रहे हैं। स्कूली अध्यापकों को यह निर्देशित किया जा रहा है कि बच्चों को दो साल पहले की कक्षा के आधार पर ही बेसिक पढ़ाया जाए। यह न समझा जाए कि बच्चे दो कक्षाएं आगे आए हैं। इसलिए बेसिक पर ज्यादा फोकस किया जाए। शिक्षा विभाग के अफसरों की ओर से स्कूलों को दी जा रही गाइडलाइन के संबंध में संवाददाता पंकज सलारिया ने अमर उजाला शिक्षा अभियान के तहत बातचीत की।
पहले की कक्षाओं के आधार पर पढ़ाएं : चाढ़क
उच्च शिक्षा उपनिदेशक चंबा प्यार सिंह चाढ़क का कहना है कि बच्चों में पढ़ने की आदत में कुछ बदलाव आए हैं। ऑनलाइन पढ़ाई से जहां कक्षाओं वाला माहौल प्रभावित हुआ है तो वहीं, अब शिक्षकों को इसमें सुधार के लिए निर्देश किया गया है। इसके अलावा अध्यापकों को यह भी आदेशित किया गया है कि वे बच्चों को दो साल पहले की कक्षाओं के आधार पर आगामी पढ़ाई करवाएं। कोरोना के चलते पढ़ाई प्रभावित भी हुई है।
खामियों को दूर करने के दिए निर्देश : सुरेश
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक चंबा सुरेश कुमार शर्मा का कहना है कि स्कूल खुलने के बाद अध्यापकों को बच्चों में नजर आ रही खामियों को दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं। साथ ही विभाग की ओर से इसकी मॉनीटरिंग भी की जा रही है। स्कूलों में निरीक्षण कर बच्चों के लर्निंग लेवल की जांच की जा रही है। साथ ही अध्यापकों को बच्चों से मैत्रीपूर्ण व्यवहार के लिए कहा गया है। निर्देशित किया गया है कि वे बच्चों को प्ले वे में पढ़ाएं।
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शिक्षा स्तर सुधारने का किया जा रहा प्रयास : राजेश
समग्र शिक्षा के जिला परियोजना अधिकारी राजेश शर्मा का कहना है कि कोरोना काल में बच्चों को नई तकनीक से पढ़ाई करवाई गई। हर घर पाठशाला इस विकट परिस्थिति में काफी कारगर साबित हुई। कुछ खामियां बच्चों में दिखी हैं, जिन्हें दुरुस्त करने के लिए स्कूलों में वर्क बुक बांटी जा रही हैं। इससे बच्चों के बेसिक ज्ञान को मजबूत करने के लिए शिक्षक प्रयास कर रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों के बच्चों को दो सौ स्मार्टफोन कोरोना काल में दिए गए।
बच्चों की लिखावट में आया अंतर : एनएआर
इंस्पेक्शन विंग चंबा के उपनिदेशक एनआर शर्मा का कहना है कि स्कूल खुलने के बाद स्कूलों में निरीक्षण किया जा रहा है। कहा कि बच्चों का लर्निंग लेवल जांचा जा रहा है। परीक्षाओं के दौरान व्यवस्था जांची गई है। बच्चों के लर्निंग और लिखावट में अंतर आया है। अध्यापकों को इस पर जोर देने के लिए कहा गया है और क्वालिटी एजुकेशन और नवाचार जैसी गतिविधियों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करने बारे निर्देशित किया गया है।
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पहले की कक्षाओं के आधार पर पढ़ाएं : चाढ़क
उच्च शिक्षा उपनिदेशक चंबा प्यार सिंह चाढ़क का कहना है कि बच्चों में पढ़ने की आदत में कुछ बदलाव आए हैं। ऑनलाइन पढ़ाई से जहां कक्षाओं वाला माहौल प्रभावित हुआ है तो वहीं, अब शिक्षकों को इसमें सुधार के लिए निर्देश किया गया है। इसके अलावा अध्यापकों को यह भी आदेशित किया गया है कि वे बच्चों को दो साल पहले की कक्षाओं के आधार पर आगामी पढ़ाई करवाएं। कोरोना के चलते पढ़ाई प्रभावित भी हुई है।
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खामियों को दूर करने के दिए निर्देश : सुरेश
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक चंबा सुरेश कुमार शर्मा का कहना है कि स्कूल खुलने के बाद अध्यापकों को बच्चों में नजर आ रही खामियों को दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं। साथ ही विभाग की ओर से इसकी मॉनीटरिंग भी की जा रही है। स्कूलों में निरीक्षण कर बच्चों के लर्निंग लेवल की जांच की जा रही है। साथ ही अध्यापकों को बच्चों से मैत्रीपूर्ण व्यवहार के लिए कहा गया है। निर्देशित किया गया है कि वे बच्चों को प्ले वे में पढ़ाएं।
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शिक्षा स्तर सुधारने का किया जा रहा प्रयास : राजेश
समग्र शिक्षा के जिला परियोजना अधिकारी राजेश शर्मा का कहना है कि कोरोना काल में बच्चों को नई तकनीक से पढ़ाई करवाई गई। हर घर पाठशाला इस विकट परिस्थिति में काफी कारगर साबित हुई। कुछ खामियां बच्चों में दिखी हैं, जिन्हें दुरुस्त करने के लिए स्कूलों में वर्क बुक बांटी जा रही हैं। इससे बच्चों के बेसिक ज्ञान को मजबूत करने के लिए शिक्षक प्रयास कर रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों के बच्चों को दो सौ स्मार्टफोन कोरोना काल में दिए गए।
बच्चों की लिखावट में आया अंतर : एनएआर
इंस्पेक्शन विंग चंबा के उपनिदेशक एनआर शर्मा का कहना है कि स्कूल खुलने के बाद स्कूलों में निरीक्षण किया जा रहा है। कहा कि बच्चों का लर्निंग लेवल जांचा जा रहा है। परीक्षाओं के दौरान व्यवस्था जांची गई है। बच्चों के लर्निंग और लिखावट में अंतर आया है। अध्यापकों को इस पर जोर देने के लिए कहा गया है और क्वालिटी एजुकेशन और नवाचार जैसी गतिविधियों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करने बारे निर्देशित किया गया है।