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डॉक्टरों की हड़ताल मरीजों पर पड़ने लगी भारी
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डॉक्टरों की हड़ताल के चलते चंबा में ओपीडी के बाहर परेशान बैठी महिला मरीज।
- फोटो : Chamba
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चंबा। डॉक्टरों की पेन डाउन हड़ताल मरीजों पर भारी पड़ने लगी है। शनिवार को भी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी के बाहर मरीज दो घंटे तक ठंडे फर्श पर बैठकर डॉक्टरों का इंतजार करते रहे। जब डॉक्टर ओपीडी में पहुंचे तो मरीजों की भीड़ जमा हो गई। इसकी वजह से कोविड नियमों की पालना भी नहीं हुई। मेडिकल कॉलेज सहित जिले के सभी 57 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की ओपीडी में शनिवार को डॉक्टरों की पेन डाउन हड़ताल जारी रही।
मेडिकल कॉलेज में सुबह साढ़े नौ बजे से लेकर साढ़े ग्यारह बजे तक ओपीडी के बाहर मरीज डॉक्टरों का इंतजार करते रहे। शिशु, महिला, नेत्र और महिला ओपीडी के बाहर तीमारदार अपने मरीजों को लेकर सुबह ही पहुंच गए थे लेकिन, हड़ताल की वजह से उन्हें दो घंटे इंतजार करना पड़ा। मरीजों और तीमारदारों ने ठंडे फर्श पर बैठकर दो घंटे का समय बिताया।
इस दौरान दर्द से पीड़ित कई मरीज परेशान हुए। वहीं, मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन कक्ष में ड्यूटी देने वाले चिकित्सक रूटीन की तरह वहां तैनात रहे। इसकी वजह से इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। वहीं, डॉक्टर एसोसिएशन का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
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मेडिकल कॉलेज में सुबह साढ़े नौ बजे से लेकर साढ़े ग्यारह बजे तक ओपीडी के बाहर मरीज डॉक्टरों का इंतजार करते रहे। शिशु, महिला, नेत्र और महिला ओपीडी के बाहर तीमारदार अपने मरीजों को लेकर सुबह ही पहुंच गए थे लेकिन, हड़ताल की वजह से उन्हें दो घंटे इंतजार करना पड़ा। मरीजों और तीमारदारों ने ठंडे फर्श पर बैठकर दो घंटे का समय बिताया।
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इस दौरान दर्द से पीड़ित कई मरीज परेशान हुए। वहीं, मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन कक्ष में ड्यूटी देने वाले चिकित्सक रूटीन की तरह वहां तैनात रहे। इसकी वजह से इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। वहीं, डॉक्टर एसोसिएशन का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
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