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शिव चेलों ने श्रद्धालुओं को दिया आशीर्वाद
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भरमौर पहुंचे त्रिलोचन महादेव के वंशज संचूई गांव के शिव चेलों का स्वागत करते स्थानीय लोग। संवाद
- फोटो : Chamba
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भरमौर (चंबा)। महादेव के परम भक्त कहलाए जाने वाले त्रिलोचन महादेव के वंशज संचूई गांव के शिव चेलों ने मणिमहेश जाने वाले श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। शिव चेलों ने मणिमहेश मंदिर के परिसर में भद्रवाह से पहुंचे श्रद्धालुओं को मंगलमय यात्रा का आशीर्वाद दिया। आगामी दो दिन तक शिव चेले चौरासी परिसर में विराजमान होकर मणिमहेश यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वाद देंगे। उसके बाद शिव चेले मणिमहेश यात्रा के पहले पड़ाव धन्छौ के लिए कूच करेंगे। सोमवार दोपहर को डलझील पहुंचेंगे।
शुक्रवार 11 बजे संचूई से शिव चेले चौरासी के लिए निकले तो रास्ते पर जगह-जगह उनके स्वागत के लिए लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। जहां से भी शिव चेले गुजरे, वहां पर लोगों ने हर-हर महादेव के नारे लगाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। ऐसी मान्यता है कि भगवान शंकर ने त्रिलोचन महादेव को आशीर्वाद दिया था कि तेरे वंश के लोग चौरासी परिसर और मणिमहेश जाने वाले जिस श्रद्धालु को अपना आशीर्वाद देंगे, वह अवश्य पूरा होगा। इसलिए मणिमहेश यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु शिवजी के चेलों का आशीर्वाद जरूर लेते हैं।
कोरोना महामारी के चलते भले ही जिला प्रशासन ने चंद लोगों को ही यात्रा पर जाने की अनुमति दी है लेकिन, श्रद्धालुओं में मणिमहेश यात्रा पर जाने के लिए उत्साह की कमी नहीं दिख रही है। उधर, शुक्रवार को दशनामी अखाड़ा चंबा की छड़ी भी भरमौर पहुंच गई। चौरासी के प्रवेश द्वार पर धर्म राज मंदिर के पुजारी पंडित लक्ष्मण दत्त शर्मा ने फूल-मालाओं से छड़ी का स्वागत किया। यह छड़ी दशनामी अखाड़ा भरमौर में रुकी।
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शुक्रवार 11 बजे संचूई से शिव चेले चौरासी के लिए निकले तो रास्ते पर जगह-जगह उनके स्वागत के लिए लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। जहां से भी शिव चेले गुजरे, वहां पर लोगों ने हर-हर महादेव के नारे लगाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। ऐसी मान्यता है कि भगवान शंकर ने त्रिलोचन महादेव को आशीर्वाद दिया था कि तेरे वंश के लोग चौरासी परिसर और मणिमहेश जाने वाले जिस श्रद्धालु को अपना आशीर्वाद देंगे, वह अवश्य पूरा होगा। इसलिए मणिमहेश यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु शिवजी के चेलों का आशीर्वाद जरूर लेते हैं।
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कोरोना महामारी के चलते भले ही जिला प्रशासन ने चंद लोगों को ही यात्रा पर जाने की अनुमति दी है लेकिन, श्रद्धालुओं में मणिमहेश यात्रा पर जाने के लिए उत्साह की कमी नहीं दिख रही है। उधर, शुक्रवार को दशनामी अखाड़ा चंबा की छड़ी भी भरमौर पहुंच गई। चौरासी के प्रवेश द्वार पर धर्म राज मंदिर के पुजारी पंडित लक्ष्मण दत्त शर्मा ने फूल-मालाओं से छड़ी का स्वागत किया। यह छड़ी दशनामी अखाड़ा भरमौर में रुकी।
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