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Chamba News: मां मिंधल वासनी के दर माथा टेकने उमड़े श्रद्धालु
Sat, 19 Oct 2024 10:09 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 19 Oct 2024 10:09 PM IST
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पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी के मां भगवती मिंधल वासनी मंदिर में शेरज्याट जातर मेला धूमधाम से मनाया गया। काफी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने के लिए पहुंचे।
हर साल पूर्णिमा के अगले दिन यह जातर मेला आयोजित किया जाता है। इस मेले में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। वे अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।
मेले का एक विशेष आकर्षण आकाश दीप का प्रज्वलन रहता है। मेले में उपस्थित लोग घी की आहुति देकर मां भगवती से अपनी इच्छाओं की पूर्ति की कामना करते हैं। आकाश दीप की रोशनी में भक्तों की श्रद्धा का एक अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है। यह दृश्य केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि एक गहरी आध्यात्मिक भावना से भरा होता है, जो सभी भक्तों को जोड़ता है। मेले के दौरान चंद्रमा की रोशनी में मार्शल रथ का आयोजन किया जाता है। इस रथ को विशेष सजावट के साथ तैयार किया जाता है, जिसमें मां भगवती की प्रतिमा विराजमान होती हैं। रथ के चारों ओर भक्तजन नृत्य और भजन-कीर्तन करते हैं। इससे एक उत्सव का माहौल बनता है। इस आयोजन में बार प्रजामंडल का महत्वपूर्ण सहयोग होता है, जो मेले की व्यवस्था और आयोजनों में सहायता करता है। शेरज्याट जातर मेले का महत्व केवल धार्मिक आस्था में नहीं, बल्कि यह सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। यहां विभिन्न समुदायों के लोग एकत्रित होकर अपनी श्रद्धा और भक्ति को साझा करते हैं। यह मेले में न केवल धार्मिक क्रियाएं होती हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का भी समावेश होता है।
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हर साल पूर्णिमा के अगले दिन यह जातर मेला आयोजित किया जाता है। इस मेले में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। वे अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।
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मेले का एक विशेष आकर्षण आकाश दीप का प्रज्वलन रहता है। मेले में उपस्थित लोग घी की आहुति देकर मां भगवती से अपनी इच्छाओं की पूर्ति की कामना करते हैं। आकाश दीप की रोशनी में भक्तों की श्रद्धा का एक अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है। यह दृश्य केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि एक गहरी आध्यात्मिक भावना से भरा होता है, जो सभी भक्तों को जोड़ता है। मेले के दौरान चंद्रमा की रोशनी में मार्शल रथ का आयोजन किया जाता है। इस रथ को विशेष सजावट के साथ तैयार किया जाता है, जिसमें मां भगवती की प्रतिमा विराजमान होती हैं। रथ के चारों ओर भक्तजन नृत्य और भजन-कीर्तन करते हैं। इससे एक उत्सव का माहौल बनता है। इस आयोजन में बार प्रजामंडल का महत्वपूर्ण सहयोग होता है, जो मेले की व्यवस्था और आयोजनों में सहायता करता है। शेरज्याट जातर मेले का महत्व केवल धार्मिक आस्था में नहीं, बल्कि यह सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। यहां विभिन्न समुदायों के लोग एकत्रित होकर अपनी श्रद्धा और भक्ति को साझा करते हैं। यह मेले में न केवल धार्मिक क्रियाएं होती हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का भी समावेश होता है।
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