{"_id":"66d495db835ba31d25083c52","slug":"dali-dance-after-puja-in-kartik-swami-temple-chamba-news-c-88-1-ssml1004-132202-2024-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: कार्तिक स्वामी मंदिर में पूजा के बाद डाली नाटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: कार्तिक स्वामी मंदिर में पूजा के बाद डाली नाटी
Sun, 01 Sep 2024 09:57 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 01 Sep 2024 09:57 PM IST
विज्ञापन
भरमौर (चंबा)। चौरासी परिसर भरमौर में कार्तिक स्वामी की जातर का आयोजन किया गया। जातर मेले में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर में सुबह से भी श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। यह देर शाम तक जारी रही।
मंदिर परिसर में मणिमहेश यात्रियों ने भी शीश नवाया। कुछ घंटों तक यात्रा के बाद आराम भी किया। शाम के समय मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान महंत जयकृष्ण गिरी महाराज का जागरण भी हुआ। इस दौरान स्थानीय महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य किया और नाटी डाली। यह जानकारी पंडित हरिशरण शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि मंदिर में इन दिनों जातर मेलों का आयोजन किया जा रहा है। रविवार को काफी संख्या में स्थानीय लोगों सहित मणिमहेश यात्री जातर मेले के दौरान मौजूद रहे। बताया कि हर साल मणिमहेश यात्रा के दौरान जातर मेलों का आयोजन किया जाता है। वहीं, मणिमहेश यात्रियों ने भी जातर मेले के जरिये पारंपरिक जातर मेले की संस्कृति देखी। मंदिर के इतिहास के बारे में भी जानकारी हासिल की। सोमवार को महंत जय कृष्णगिरी महाराज के जातर मेले का आयोजन किया जाएगा। इसे बड़ी जातर मेले के नाम से भी जाना जाता है।
--
विज्ञापन
मंदिर परिसर में मणिमहेश यात्रियों ने भी शीश नवाया। कुछ घंटों तक यात्रा के बाद आराम भी किया। शाम के समय मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान महंत जयकृष्ण गिरी महाराज का जागरण भी हुआ। इस दौरान स्थानीय महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य किया और नाटी डाली। यह जानकारी पंडित हरिशरण शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि मंदिर में इन दिनों जातर मेलों का आयोजन किया जा रहा है। रविवार को काफी संख्या में स्थानीय लोगों सहित मणिमहेश यात्री जातर मेले के दौरान मौजूद रहे। बताया कि हर साल मणिमहेश यात्रा के दौरान जातर मेलों का आयोजन किया जाता है। वहीं, मणिमहेश यात्रियों ने भी जातर मेले के जरिये पारंपरिक जातर मेले की संस्कृति देखी। मंदिर के इतिहास के बारे में भी जानकारी हासिल की। सोमवार को महंत जय कृष्णगिरी महाराज के जातर मेले का आयोजन किया जाएगा। इसे बड़ी जातर मेले के नाम से भी जाना जाता है।
विज्ञापन