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डलहौजी सीवरेज स्कीम में देरी पर सरकार ने बैठाई जांच
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 02 Mar 2016 11:33 PM IST
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डलहौजी सीवरेज स्कीम बनाने में लेटलतीफी पर राज्य सरकार ने जांच बैठा दी है। सीएम वीरभद्र सिंह ने 20 साल से फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं ले पाने पर इस मामले में इन्कवायरी बैठाने के आदेश दिए हैं। कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने इसके लिए आईपीएच विभाग के अधिकारियों को जिम्मेवार ठहराते हुए इस पर इन्कवायरी मांगी। वहीं, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स ने भी कहा कि ये मामला उनकी जानकारी में नहीं है। इसमें अफसरों ने ढील रखी है। अगर उनके ध्यान में होता तो वे पहले ही इस पर कार्रवाई करतीं। उन्हें भी अधिकारियों से इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगने की बात की। डलहौजी की विधायक आशा कुमारी ने सरकार के समक्ष ये मामला उठाया कि वर्ष 1996 में 851.85 लाख के सीवरेज सिस्टम का डलहौजी के लिए प्रावधान किया गया था। अब इसकी लागत बढ़ जाएगी। आईपीएच विभाग 20 साल में एफसीए भी नहीं ले सका, जबकि अब तक 2.5 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। कई बार टेंडर हो चुके हैं। इस तरह से हो रही देरी के खिलाफ जांच होनी चाहिए। आशा कुमारी ने कहा कि स्वयं मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी इस मामले में अधिकारियों को निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की है। शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि ये जांच का विषय है। आईपीएच और शहरी विकास विभागों में इस बारे में छानबीन होनी चाहिए। इस पर सीएम ने कहा कि जब उनका नाम भी ले लिया गया है तो वे इस पर जांच बैठाने को कहते हैं।
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