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कंपनी ने लोगों की जमीन पर ले लिया 1405 करोड़ का ऋण

Wed, 19 Apr 2017 10:21 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, होली (चंबा)।
ब्यूरो, अमर उजाला, होली (चंबा)। Updated Wed, 19 Apr 2017 10:21 PM IST
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जनजातीय क्षेत्र होली में निर्माणाधीन जीएमआर बिजली परियोजना विवादों में घिर गई है। परियोजना निर्माण के लिए कंपनी प्रबंधन ने जिस जमीन पर 1405 करोड़ रुपये का ऋण ले रखा है राजस्व रिकॉर्ड में वो जमीन निजी निकली है। 
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इस मामले का खुलासा उस समय हुआ जब एक बागवान परियोजना क्षेत्र में आने वाली अपनी जमीन के एवज में ऋण लेने के लिए बैंक पहुंचा। खाते की जांच करने पर बैंक अधिकारी ने बागवान को उसकी जमीन पर पहले से ही करोड़ों का ऋण होने की बात कही। इसके बाद पूरे इलाके में यह बात आग की तरह फैल गई और परियोजना क्षेत्र में आने वाले सभी लोग राजस्व विभाग के पास पहुंच गए। जहां करीब 150 ग्रामीणों की जमीन परियोजना प्रबंधन के खाते में दर्शाने और उसके आधार पर बैंक से ऋण लेने का खुलासा हुआ है। 
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इस खुलासे के बाद ग्रामीण भड़क गए हैं और परियोजना प्रबंधन पर जबरन जमीन हड़पने का आरोप लगा रहे हैं। ग्रामीणों ने उनकी जमीन वापस दिलाने में आनाकानी करने पर काम रोकने की भी धमकी दी है। 
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उधर, मामला खुलने के बाद राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों के भी हाथ-पांव फूल गए हैं। अब इस पूरे मामले को रिव्यू करने की बात कही जा रही है। जीएमआर पिछले काफी समय से होली में सक्रिय है और सुरंग बनाने का कार्य जारी है, लेकिन इस दौरान कभी जमीन को लेकर ऐसा खुलासा नहीं हुआ। 

राजस्व विभाग की त्रुटि है : कंपनी प्रबंधन 
जीएमआर परियोजना के महाप्रबंधक विजय सेन का कहना है कि राजस्व विभाग की त्रुटि है। सुरंग के ऊपर तीन सौ मीटर की जमीन को कंपनी के खाते में दर्शा दिया गया है। कंपनी की ऐसी कोई मंशा नहीं है। कंपनी ने एडीएम भरमौर को लिखित रूप से जवाब सौंप दिया है। यदि इसके बाद काम रोका जाता है तो कंपनी जवाबदेह नहीं होगी। 

जांच के बाद होगा खुलासा : नायब तहसीलदार 
नायब तहसीलदार होली बालकृष्ण का कहना है कि उच्च अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही सभी तथ्य सामने आएंगे। फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता है। 

कंपनी से मांगा है जवाब : एडीएम
एडीएम भरमौर विनय धीमान का कहना है कि मामला उनके ध्यान में है। कंपनी प्रबंधन से जवाब मांगा गया है। मामले की पूरी छानबीन होगी और उसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी। 


मामला संगीन है जांच होगी : उपायुक्त
उपायुक्त सुदेश मोख्टा का कहना है कि मामले की जांच के आदेश दिए जाएंगे। मामला बेहद संगीन है जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। 

क्या कहते हैं प्रभावित 
प्रभावित ग्रामीण बिहारी लाल, हंसराज, राजकुमार, श्याम लाल, सुरेंद्र कुमार और त्रिलोकनाथ का कहना है कि उनकी जमीन पर जीएमआर ऋण ले चुकी है और बैंक उन्हें अब दोबारा ऋण देने से इनकार कर रहा है। जबकि, उन्होंने जीएमआर को न तो अपनी जमीन बेची है और न ही इसकी एवज में कोई भुगतान लिया है।
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