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छात्र खुदकुशी मामले में अध्यापकों, सहपाठियों के बयान दर्ज
Updated Tue, 27 Mar 2018 10:10 PM IST
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sucide shimla
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा।
विकास खंड सलूणी के एक गांव में नवमी कक्षा के छात्र के खुदकुशी करने के मामले में पुलिस ने उसके स्कूल में दबिश दी। पुलिस ने स्कूल में छात्र के सहपाठियों और अध्यापकों के बयान कलमबद्ध किए।
सहपाठियों ने बयान दिया कि बीस मार्च को एक अध्यापक ने पढ़ाई को लेकर उसे लताड़ लगाई थी। इसको लेकर वह काफी परेशान भी था। छात्र ने खुदकुशी करने को लेकर किसी के साथ चर्चा नहीं की। स्कूल में जाने के बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान दर्ज किए। परिजनों ने बताया कि उनके बेटे ने स्कूल में हुई किसी प्रताड़ना के बारे में नहीं बताया था जिससे तंग आकर वह खुदकुशी जैसा कदम उठाने पर मजबूर हो गया।
बताया जा रहा है कि बीस मार्च को स्कूल से लौटने के बाद छात्र उदास था। अपनी उदासीनता के बारे में उसने किसी को कुछ नहीं बताया। 21 और 22 मार्च को वह स्कूल में भी नहीं गया। 23 मार्च को उसने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। परिजनों ने पुलिस को बताए बिना ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया। 26 मार्च को पुलिस को जब इसकी भनक लगी तो पुलिस ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। मृतक के स्कूल और घर में पुलिस ने दबिश दी। पुलिस को ऐसा कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगा जिससे यह पता चल पाता कि छात्र ने अचानक खुदकुशी क्यों की। फिलहाल पुलिस की छानबीन जारी है। छानबीन पूरी होने के बाद ही खुदकुशी के कारणों का खुलासा हो पाएगा।
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खुदकुशी की जांच जारी : एसपी
पुलिस अधीक्षक डॉक्टर मोनिका ने बताया कि विकास खंड सलूणी के एक गांव में नवमी कक्षा के छात्र द्वारा खुदकुशी करने का मामला सामने आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक के सहपाठियों, अध्यापकों और परिजनों के बयान लिए गए हैं। जांच-पड़ताल जारी है।
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चंबा।
विकास खंड सलूणी के एक गांव में नवमी कक्षा के छात्र के खुदकुशी करने के मामले में पुलिस ने उसके स्कूल में दबिश दी। पुलिस ने स्कूल में छात्र के सहपाठियों और अध्यापकों के बयान कलमबद्ध किए।
सहपाठियों ने बयान दिया कि बीस मार्च को एक अध्यापक ने पढ़ाई को लेकर उसे लताड़ लगाई थी। इसको लेकर वह काफी परेशान भी था। छात्र ने खुदकुशी करने को लेकर किसी के साथ चर्चा नहीं की। स्कूल में जाने के बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान दर्ज किए। परिजनों ने बताया कि उनके बेटे ने स्कूल में हुई किसी प्रताड़ना के बारे में नहीं बताया था जिससे तंग आकर वह खुदकुशी जैसा कदम उठाने पर मजबूर हो गया।
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बताया जा रहा है कि बीस मार्च को स्कूल से लौटने के बाद छात्र उदास था। अपनी उदासीनता के बारे में उसने किसी को कुछ नहीं बताया। 21 और 22 मार्च को वह स्कूल में भी नहीं गया। 23 मार्च को उसने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। परिजनों ने पुलिस को बताए बिना ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया। 26 मार्च को पुलिस को जब इसकी भनक लगी तो पुलिस ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। मृतक के स्कूल और घर में पुलिस ने दबिश दी। पुलिस को ऐसा कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगा जिससे यह पता चल पाता कि छात्र ने अचानक खुदकुशी क्यों की। फिलहाल पुलिस की छानबीन जारी है। छानबीन पूरी होने के बाद ही खुदकुशी के कारणों का खुलासा हो पाएगा।
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खुदकुशी की जांच जारी : एसपी
पुलिस अधीक्षक डॉक्टर मोनिका ने बताया कि विकास खंड सलूणी के एक गांव में नवमी कक्षा के छात्र द्वारा खुदकुशी करने का मामला सामने आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक के सहपाठियों, अध्यापकों और परिजनों के बयान लिए गए हैं। जांच-पड़ताल जारी है।