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गैर इरादतन हत्या के मामले में बाप बेटे को सात वर्ष की कैद
ब्यूरो, अमर उजाला, (चंबा)
Updated Mon, 24 Oct 2016 06:46 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : डेमो फोटो
अप्रैल 2014 में जमीनी विवाद को लेकर अपने सगे भाई की हत्या कर देने वाले दूसरे भाई और उसके बेटे को न्यायालय ने गैर इरादतन हत्या का दोषी मानकर सात सात वर्ष की कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
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जुर्माना अदा न करने की स्थिति में सजा छह माह तक बढ़ा दी जाएगी। इस वारदात की शिकायत आठ अप्रैल 2014 को भगत राम निवासी गांव मंगुआ डाकघर जडेरा जिला चंबा ने पुलिस के पास दर्ज करवाई थी कि जब अपने घर में था तो रत्न चंद अपने मजदूर कालू के साथ खेतों में काम करने गया।
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जहां पर उसने कुछ पत्थर एकत्रित करके रखे हुए थे। लेकिन शक्ति प्रसाद जो रिश्ते में रत्न चंद का सगा भाई था। मौके पर पहुंच कर रत्न चंद के साथ गाली-गलौच करने लग पड़ा। जिसमें शक्ति प्रसाद के बेटा केशव भी उसके साथ था। इसी बीच कहासुुनी के बाद बात मारपीट तक बढ़ गई। जिसके चलते शक्ति प्रसाद और उसके बेटे ने मिलकर रत्न चंद का गुप्तांग दबा कर उसे मार डाला।
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लिहाजा पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयान पर आईसी की धारा 304 दो के तहत शक्ति प्रसाद और उसके बेटे केशव को आरोपी मान कर कोर्ट में चालान पेश किया था। जहां पर लगभग ढाई साल की सुनवाई के बाद बारह गवाहों के बयान पर पारस डोगर एलडी एडिशनल सेशन जज चंबा ने शक्तिप्रसाद पुत्र माधो राम और उसके बेटे केशव निवासी मंगुआ पोस्टऑफिस जडेरा जिला चंबा को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। इस मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी कंवर उदय सिंह ने की है।