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मणिमहेश यात्रा से पहले पूरा करें मरम्मत कार्य : डीसी
Fri, 17 Jul 2026 10:51 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 17 Jul 2026 10:51 PM IST
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उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने किया धरवाला, बत्ती की हट्टी, दुर्गेठी और विभिन्न स्थानों का दौरा
जहां चट्टानें और पत्थर गिरने की आशंका, वहां ढीले पत्थरों को हटाने के भी जारी किए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। मणिमहेश यात्रा के सफल आयोजन को लेकर उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए का निरीक्षण किया। उन्होंने धरवाला, बत्ती की हट्टी, दुर्गेठी और विभिन्न स्थानों का दौरा कर गत वर्ष प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त हुए सड़क मार्गों पर चल रहे कार्यों का जायजा लिया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को मरम्मत कार्यों में तेजी लाने और यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर चट्टानों अथवा पत्थरों के गिरने की आशंका है, वहां आवश्यक सुरक्षा उपाय कर ढीले पत्थरों को हटाया जाए।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राहुल ने बताया कि चंबा से भरमौर तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर 60 अतिसंवेदनशील स्थलों की पहचान की गई है। इन स्थानों पर सड़क को सुचारु बनाए रखने के लिए 12 से 13 मशीनें तैनात की गई हैं। प्रत्येक पांच किलोमीटर की दूरी पर एक मशीन उपलब्ध करवाई गई है। बत्ती की हट्टी, चूड़ी तथा अन्य अति संवेदनशील स्थलों पर चौबीसों घंटे दो-दो मशीनें तैनात रहेंगी। इन क्षेत्रों में दो फ्लैग मैन भी नियुक्त किए जाएंगे। ये भूस्खलन अथवा पत्थर गिरने की स्थिति में यात्रियों और वाहन चालकों को चेतावनी देंगे। संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग का कार्य भी किया जा रहा है। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों की मरम्मत युद्धस्तर पर जारी है। इस दौरान उप प्रबंधक एनएचएआई यशवंत ध्याल, साइट इंजीनियर साहिल और परीक्षित उपस्थित रहे।
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जहां चट्टानें और पत्थर गिरने की आशंका, वहां ढीले पत्थरों को हटाने के भी जारी किए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। मणिमहेश यात्रा के सफल आयोजन को लेकर उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए का निरीक्षण किया। उन्होंने धरवाला, बत्ती की हट्टी, दुर्गेठी और विभिन्न स्थानों का दौरा कर गत वर्ष प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त हुए सड़क मार्गों पर चल रहे कार्यों का जायजा लिया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को मरम्मत कार्यों में तेजी लाने और यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर चट्टानों अथवा पत्थरों के गिरने की आशंका है, वहां आवश्यक सुरक्षा उपाय कर ढीले पत्थरों को हटाया जाए।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राहुल ने बताया कि चंबा से भरमौर तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर 60 अतिसंवेदनशील स्थलों की पहचान की गई है। इन स्थानों पर सड़क को सुचारु बनाए रखने के लिए 12 से 13 मशीनें तैनात की गई हैं। प्रत्येक पांच किलोमीटर की दूरी पर एक मशीन उपलब्ध करवाई गई है। बत्ती की हट्टी, चूड़ी तथा अन्य अति संवेदनशील स्थलों पर चौबीसों घंटे दो-दो मशीनें तैनात रहेंगी। इन क्षेत्रों में दो फ्लैग मैन भी नियुक्त किए जाएंगे। ये भूस्खलन अथवा पत्थर गिरने की स्थिति में यात्रियों और वाहन चालकों को चेतावनी देंगे। संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग का कार्य भी किया जा रहा है। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों की मरम्मत युद्धस्तर पर जारी है। इस दौरान उप प्रबंधक एनएचएआई यशवंत ध्याल, साइट इंजीनियर साहिल और परीक्षित उपस्थित रहे।
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