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श्रम कानूनों में बदलाव को लेकर सीटू चंबा में करेगी विरोध प्रदर्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के श्रम कानूनों में बदलाव के विरोध में सीटू जिला कमेटी वीरवार को सीटू के राष्ट्रीय आवाहन पर जिले में विरोद्ध प्रदर्शन करेगी।
सीटू जिला अध्यक्ष नरेंद्र कुमार और महासचिव सुदेश ठाकुर ने बताया कि केंद्र सरकार पहले से ही उद्योगपतियों को मुनाफा पहुंचाने के लिए श्रम कानूनों में बदलाव कर रही है। इसका सीटू और अन्य मजदूर यूनियन विरोध कर रहे थे।
अभी केंद्र सरकार राज्य सरकारों के माध्यम से लॉकडाउन का बहाना लेकर इन्हें लागू करवा रही है। अन्य राज्यों विशेषकर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों ने कार्यदिवस के समय 8 से 12 घंटे का निर्णय लिया है।
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी कार्य दिवस के समय में बदलाव करके 8 से 12 घंटे का कार्य दिवस करने की नोटिफिकेशन जारी कर दी है। इसका सीटू कड़ा विरोध करता है। सरकार ने कार्य दिवस 12 घंटे का कर दिया। मगर वेतनमान 8 घंटे का ही होगा। सरकार मजदूरों का शोषण करवाकर पूंजीपतियों को मुनाफा देना चाहती है।
सरकार के इस फैसले से बड़े पैमाने पर छंटनी होगी और भारी संख्या में लोग बेरोजगार होंगे। आज के समय मे कोरोना महामारी के चलते पहले ही मजदूर संकट में हैं ऊपर से सरकार के इस फैसले ने उनकी और परेशानी बढ़ा दी है।
इसके अतिरिक्त कुछ राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश ने फैक्ट्री एक्ट में बदलाव करके 1000 दिन तक कोई भी श्रम कानून न लागू करने संबंधी विषय स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा है।
सीटू इसके विरोध में एवं कोरोना के खिलाफ लड़ रहे योद्धाओं के स्वास्थ्य संबधित पुख्ता इंतजाम करे। सभी कर्मियों के लिए 50 लाख का बीमा कवर दे। इसमें आशा वर्कर और आंगनबाड़ी वर्कर को भी शामिल किया जाए।
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चंबा। प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के श्रम कानूनों में बदलाव के विरोध में सीटू जिला कमेटी वीरवार को सीटू के राष्ट्रीय आवाहन पर जिले में विरोद्ध प्रदर्शन करेगी।
सीटू जिला अध्यक्ष नरेंद्र कुमार और महासचिव सुदेश ठाकुर ने बताया कि केंद्र सरकार पहले से ही उद्योगपतियों को मुनाफा पहुंचाने के लिए श्रम कानूनों में बदलाव कर रही है। इसका सीटू और अन्य मजदूर यूनियन विरोध कर रहे थे।
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अभी केंद्र सरकार राज्य सरकारों के माध्यम से लॉकडाउन का बहाना लेकर इन्हें लागू करवा रही है। अन्य राज्यों विशेषकर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों ने कार्यदिवस के समय 8 से 12 घंटे का निर्णय लिया है।
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी कार्य दिवस के समय में बदलाव करके 8 से 12 घंटे का कार्य दिवस करने की नोटिफिकेशन जारी कर दी है। इसका सीटू कड़ा विरोध करता है। सरकार ने कार्य दिवस 12 घंटे का कर दिया। मगर वेतनमान 8 घंटे का ही होगा। सरकार मजदूरों का शोषण करवाकर पूंजीपतियों को मुनाफा देना चाहती है।
सरकार के इस फैसले से बड़े पैमाने पर छंटनी होगी और भारी संख्या में लोग बेरोजगार होंगे। आज के समय मे कोरोना महामारी के चलते पहले ही मजदूर संकट में हैं ऊपर से सरकार के इस फैसले ने उनकी और परेशानी बढ़ा दी है।
इसके अतिरिक्त कुछ राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश ने फैक्ट्री एक्ट में बदलाव करके 1000 दिन तक कोई भी श्रम कानून न लागू करने संबंधी विषय स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा है।
सीटू इसके विरोध में एवं कोरोना के खिलाफ लड़ रहे योद्धाओं के स्वास्थ्य संबधित पुख्ता इंतजाम करे। सभी कर्मियों के लिए 50 लाख का बीमा कवर दे। इसमें आशा वर्कर और आंगनबाड़ी वर्कर को भी शामिल किया जाए।