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चंबा-जोत माग्र पर भटालवां के समीप गिरा पहाड़, आधा घंटा यातायात ठप्प
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चंबा/मंगला। चंबा-जोत मार्ग पर भटालवां के समीप पहाड़ी से भूस्खलन शुरू हो गया है। सोमवार को शाम के समय उक्त मार्ग पर पहाड़ दरक गया। इससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही थम गई। मार्ग बंद होने की सूचना लोक निर्माण विभाग को मिली। लोक निर्माण विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाया और मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल किया।
इस दौरान करीब आधा घंटा वाहनों की आवाजाही थमी रही। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले यहां देर रात को भूस्खलन हुआ था। इसकी चपेट में पोकलेन मशीन और ऑपरेटर आया था।
ऑपरेटर मलबे में दब गया था और 11 दिनों के बाद कड़ी मशक्कत के बाद उसका शव बरामद किया गया था। लोगों का कहना है कि बरसात का मौसम भी शुरू हो गया है। ऐसे में यहां हर समय भूस्खलन का खतरा बना रहता है।
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लोगों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि मार्ग पर भूस्खलन को रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए जाएं। गौरतलब है कि यह मार्ग जहां जोत की तरफ जाता है वहीं, वाया भटालवां मंगला होकर लोग खज्जियार और डलहौजी के लिए भी आवाजाही करते हैं। शॉर्टकट होने के चलते मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ज्यादा रहती है।
जिला मुख्यालय चंबा में मंगलवार दोपहर बाद झमाझम बारिश ने लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, खरीदारी और अन्य कार्यों के चलते शहर में पहुंचने वाले लोगों को दुकानों और घरों की ओट लेकर अपने आप को बचाना पड़ा। वहीं, पर्यटन नगरी डलहौजी, बनीखेत, भरमौर, सलूणी, किहार, साहो और सिल्लाघ्राट में दोपहर बाद दो बजे से लेकर पांच बजे तक हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों को राहत ही प्रदान करने का काम किया।
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इस दौरान करीब आधा घंटा वाहनों की आवाजाही थमी रही। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले यहां देर रात को भूस्खलन हुआ था। इसकी चपेट में पोकलेन मशीन और ऑपरेटर आया था।
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ऑपरेटर मलबे में दब गया था और 11 दिनों के बाद कड़ी मशक्कत के बाद उसका शव बरामद किया गया था। लोगों का कहना है कि बरसात का मौसम भी शुरू हो गया है। ऐसे में यहां हर समय भूस्खलन का खतरा बना रहता है।
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लोगों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि मार्ग पर भूस्खलन को रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए जाएं। गौरतलब है कि यह मार्ग जहां जोत की तरफ जाता है वहीं, वाया भटालवां मंगला होकर लोग खज्जियार और डलहौजी के लिए भी आवाजाही करते हैं। शॉर्टकट होने के चलते मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ज्यादा रहती है।
जिला मुख्यालय चंबा में मंगलवार दोपहर बाद झमाझम बारिश ने लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, खरीदारी और अन्य कार्यों के चलते शहर में पहुंचने वाले लोगों को दुकानों और घरों की ओट लेकर अपने आप को बचाना पड़ा। वहीं, पर्यटन नगरी डलहौजी, बनीखेत, भरमौर, सलूणी, किहार, साहो और सिल्लाघ्राट में दोपहर बाद दो बजे से लेकर पांच बजे तक हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों को राहत ही प्रदान करने का काम किया।