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मणिमहेश छड़ी यात्रा शुरू, प्रशासन की निगरानी में चंबा से रवाना
Updated Fri, 02 Sep 2016 10:05 PM IST
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दशनामी अखाड़ा चंबा से शुक्रवार को पवित्र मणिमहेश यात्रा के लिए छड़ी यात्रा का आयोजन विधिवत रूप से पूजा अर्चना के बाद हुआ। इस मौके पर मुख्यातिथि के रूप में एडीएम चंबा शुभकरण सिंह उपस्थित रहे।
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एसडीएम चंबा वचन सिंह और तहसीलदार चंबा अमन राणा भी विशेष रूप से मौजूद रहे। छड़ी यात्रा का आयोजन भगवान दतात्रेय मंदिर दशनामी अखाड़ा में धार्मिक अनुष्ठान के बाद हुआ। इस छड़ी यात्रा की अगुवाई पंच दशनामी जूना अखाड़ा के महंत व छड़ीबरदार यतिंद्र गिरि ने की। जबकि पंच दशनामी जूना अखाड़ा मैहला के महंत रवि गिरि व दूसरे राज्यों से आए महंत भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
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यह छड़ी यात्रा दशनामी अखाड़ा से चल कर पहले दिन लक्ष्मीनाथ मंदिर चंबा में विश्राम करके राधा कृष्ण मंदिर जुलाकड़ी में रात गुजारेगी। जिसके बाद राख, दुर्गठी, भरमौर, हड़सर व धनछो से होती हुई पवित्र स्नान के दिन आठ सितंबर की सुबह मणिमहेश डल झील पर पहुंचेगी। जहां पर यह छड़ी अन्य देवी-देवताओं के प्रतीक चिन्हों के साथ सर्वप्रथम मणिमहेश डल झील में स्नान करेगी। जिसके बाद ही आम लोगों के लिए स्नान की शाही पर्वी शुरू होगी। मणिमहेश यात्रा के साथ लक्ष्मीनाथ मंदिर चंबा और दशनामी अखाड़ा का संबंध रियासत काल से ही चला आ रहा है। लिहाजा हर वर्ष चंबा के दशनामी अखाड़ा चंबा से मणिमहेश शाही स्नान के लिए छड़ी यात्रा का आयोजन किया जाता है। इस मौके पर मौजूद एडीएम चंबा शुभकरण सिंह ने बताया कि परंपराएं हमारी विरासत होती हैं। भविष्य में भी दशनामी अखाड़ा से चलने वाली छड़ी यात्रा में प्रशासन अपना सहयोग देता रहेगा। वहीं दशनामी अखाड़ा चंबा के महंत यतिंद्र गिरि ने प्रशासन के इस सहयोग को सकारात्मक प्रयास बताते हुए प्राचीन परंपराओं को उनके यथावत रूप में बनाए रखने का आग्रह किया है।
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