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0पा फूल का अस्तित्व बचाने को अभियान शुरू
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चंबा। चंबा के नामकरण के साथ जुड़े चंपा फूल के अस्तित्व को बचाने के लिए शनिवार से अभियान शुरू हो गया है। चंबा डिस्कवर मंच, नोट ऑन मैप और भूरी सिंह संग्रहालय के संयुक्त प्रयासों से शुरू हुए इस अभियान की शुरूआत चंबा सदर के विधायक पवन नैय्यर ने चंपा फूल का पौधा लगाकर किया। इस मौके पर पद्मश्री विजय शर्मा, सेवा भारती से संदीप मल्होत्रा, नगर परिषद के उपाध्यक्ष पुरुमनिंद्र सिंह, जिला भाजपा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जसवीर नागपाल, पार्षद अंजली मल्होत्रा, भूरी सिंह संग्रहालय के तकनीकी सहायक सुरेंद्र, भाजयुमो के जिलाध्यक्ष विनायक रैणा, समाजसेवी बीएस पठानिया और अनूप महाजन मौजूद रहे।
मनुज शर्मा ने कहा कि अगर अपनी स्थापना के एक हजार वर्ष मना चुके चंबा नगर के अस्तित्व की नींव डालने वाले चंपा पेड़ के अस्तित्व को बचाने के हम प्रयास नहीं करेंगे तो चंपा पेड़ का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। इसलिए चंपा फूल के पौधे मंगवाकर उन्हें चंबा जनपद मेें अलग-अलग क्षेत्रों में लगाने को अभियान शुरू किया गया है। भूरी सिंह संग्रहालय परिसर के अलावा नगर परिषद चंबा के परिसर और आयुर्वेदिक अस्पताल परिसर बालू में भी चंपा फूल के पेड़ लगाए गए।
नगर परिषद अध्यक्ष नीलम नैय्यर के नेतृत्व में पूरी कार्यकारिणी ने परिसर में चंपा के पेड़ लगाए। वहीं, आयुर्वेदिक अस्पताल परिसर में डॉ. केशव वर्मा के नेतृत्व में स्टाफ ने चंपा फूल के पेड़ लगाने के अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि जिस चंपा फूल की वजह से ऐतिहासिक चंबा नगर का नामकरण हुआ है। इसके प्रमाण भूरी सिंह संग्रहालय चंबा में ताम्रपत्र पर उल्लेख है।
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अब चंबा में चंपा फूल के महज नौ पेड़ बचे हैं। इसलिए चंबा डिस्कवर मंच, नोट ऑन मैप और भूरी सिंह संग्रहालय ने संयुक्त तौर पर चंपा फूल के अस्तित्व को बचाने के लिए शनिवार से चंपा फूल के पेड़ लगाने का अभियान छेड़ा है।
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मनुज शर्मा ने कहा कि अगर अपनी स्थापना के एक हजार वर्ष मना चुके चंबा नगर के अस्तित्व की नींव डालने वाले चंपा पेड़ के अस्तित्व को बचाने के हम प्रयास नहीं करेंगे तो चंपा पेड़ का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। इसलिए चंपा फूल के पौधे मंगवाकर उन्हें चंबा जनपद मेें अलग-अलग क्षेत्रों में लगाने को अभियान शुरू किया गया है। भूरी सिंह संग्रहालय परिसर के अलावा नगर परिषद चंबा के परिसर और आयुर्वेदिक अस्पताल परिसर बालू में भी चंपा फूल के पेड़ लगाए गए।
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नगर परिषद अध्यक्ष नीलम नैय्यर के नेतृत्व में पूरी कार्यकारिणी ने परिसर में चंपा के पेड़ लगाए। वहीं, आयुर्वेदिक अस्पताल परिसर में डॉ. केशव वर्मा के नेतृत्व में स्टाफ ने चंपा फूल के पेड़ लगाने के अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि जिस चंपा फूल की वजह से ऐतिहासिक चंबा नगर का नामकरण हुआ है। इसके प्रमाण भूरी सिंह संग्रहालय चंबा में ताम्रपत्र पर उल्लेख है।
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अब चंबा में चंपा फूल के महज नौ पेड़ बचे हैं। इसलिए चंबा डिस्कवर मंच, नोट ऑन मैप और भूरी सिंह संग्रहालय ने संयुक्त तौर पर चंपा फूल के अस्तित्व को बचाने के लिए शनिवार से चंपा फूल के पेड़ लगाने का अभियान छेड़ा है।