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Chamba News: बजट बना रोड़ा, बणी में चार साल से नहीं बन पाया विद्युत सब स्टेशन
Mon, 29 Jul 2024 09:51 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 29 Jul 2024 09:51 PM IST
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खज्जियार (चंबा)। खज्जियार परिक्षेत्र के बणी में 33/11 केवी सब स्टेशन बनाने की योजना आज तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। इसके चलते ग्रामीणों की बिजली संबंधित परेशानियों का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों की मानें तो करीब चार वर्ष पहले बणी में 33/11 केवी सब स्टेशन बनाने की योजना थी।
इसके लिए करीब नौ करोड़ का प्रस्ताव भी बनाया गया था। योजना के धरातल पर उतरने से खज्जियार समेत दो दर्जन पंचायतों की सैकड़ों की आबादी को लाभ मिलने वाला था। पिछले चार सालों से योजना को लेकर कोई उचित कदम नहीं उठाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार इस सबस्टेशन के बन जाने से जहां विकास खंड मैहला के तहत आती पंचायतों को लाभ मिलना था, वहीं विकास खंड चंबा की आधा दर्जन पंचायतें भी लाभान्वित होनी थीं। ग्रामीणों को अभी तक सब स्टेशन की सौगात नहीं मिल पाई है। स्थिति यह है कि जरा सी बारिश या बिजली लाइन पर टहनियां गिरने से बत्ती गुल हो जाती है। इसके चलते ग्रामीण लंबे समय से उन्हें समस्या से निजात दिलाने की मांग कर रहे थे। इसके लिए बोर्ड ने बणी में जगह चिह्नित की। ग्रामीणों में अशोक सिंह, जगदीश कुमार, मनोहर, पृथी पाल, मनोज कुमार और सतीश कुमार का कहना है कि इन पंचायतों में बार-बार बिजली गुल हो जाती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में दिक्कत होती हैं। गृहिणियों को भी घर के काम निपटाने में परेशानी होती है।
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इन पंचायतों को मिलना था लाभ
विकास खंड मैहला के तहत रठियार, बसोधन, मंगला पंचायतों समेत विकास खंड चंबा के तहत आते द्रम्मण, खज्जियार, साच, ओड़ा, रिंडा और सिंग्गी की हजारों की आबादी को सब स्टेशन का लाभ मिलना था, लेकिन सबस्टेशन का इंतजार बढ़ता जा रहा है।
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यहां अटका है पेंच
सब स्टेशन निर्माण के लिए प्रस्तावित बजट की मांग तो बिजली बोर्ड ने कर दी है, मगर अभी तक बजट का प्रावधान नहीं हो पाया है। फॉरेस्ट क्लीयरेंस भी अभी तक नहीं मिल पाई है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
बिजली बोर्ड के अधीक्षण अभियंता राजीव ठाकुर ने कहा कि यह मामला ध्यान में है। बजट का प्रावधान नहीं हुआ है। बजट मिलते ही आगामी कार्यवाही की जाएगी।
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इसके लिए करीब नौ करोड़ का प्रस्ताव भी बनाया गया था। योजना के धरातल पर उतरने से खज्जियार समेत दो दर्जन पंचायतों की सैकड़ों की आबादी को लाभ मिलने वाला था। पिछले चार सालों से योजना को लेकर कोई उचित कदम नहीं उठाए गए हैं।
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जानकारी के अनुसार इस सबस्टेशन के बन जाने से जहां विकास खंड मैहला के तहत आती पंचायतों को लाभ मिलना था, वहीं विकास खंड चंबा की आधा दर्जन पंचायतें भी लाभान्वित होनी थीं। ग्रामीणों को अभी तक सब स्टेशन की सौगात नहीं मिल पाई है। स्थिति यह है कि जरा सी बारिश या बिजली लाइन पर टहनियां गिरने से बत्ती गुल हो जाती है। इसके चलते ग्रामीण लंबे समय से उन्हें समस्या से निजात दिलाने की मांग कर रहे थे। इसके लिए बोर्ड ने बणी में जगह चिह्नित की। ग्रामीणों में अशोक सिंह, जगदीश कुमार, मनोहर, पृथी पाल, मनोज कुमार और सतीश कुमार का कहना है कि इन पंचायतों में बार-बार बिजली गुल हो जाती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में दिक्कत होती हैं। गृहिणियों को भी घर के काम निपटाने में परेशानी होती है।
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इन पंचायतों को मिलना था लाभ
विकास खंड मैहला के तहत रठियार, बसोधन, मंगला पंचायतों समेत विकास खंड चंबा के तहत आते द्रम्मण, खज्जियार, साच, ओड़ा, रिंडा और सिंग्गी की हजारों की आबादी को सब स्टेशन का लाभ मिलना था, लेकिन सबस्टेशन का इंतजार बढ़ता जा रहा है।
यहां अटका है पेंच
सब स्टेशन निर्माण के लिए प्रस्तावित बजट की मांग तो बिजली बोर्ड ने कर दी है, मगर अभी तक बजट का प्रावधान नहीं हो पाया है। फॉरेस्ट क्लीयरेंस भी अभी तक नहीं मिल पाई है।
क्या कहते हैं अधिकारी
बिजली बोर्ड के अधीक्षण अभियंता राजीव ठाकुर ने कहा कि यह मामला ध्यान में है। बजट का प्रावधान नहीं हुआ है। बजट मिलते ही आगामी कार्यवाही की जाएगी।