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चौरासी मंदिर में स्थापित दानपात्र खोलेगा प्रशासन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंबा
Updated Sun, 04 Dec 2016 07:18 PM IST
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मणिमहेश यात्रा के दौरान चौरासी परिसर में स्थापित दानपात्रों को प्रशासन खोलने जा रहा है।
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नोटबंदी के असर के मद्देनजर प्रशासन ने यह निर्णय लिया है और इसके लिए कार्यालय अधीक्षक की अगुवाई में एक कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी सभी दानपात्र का मुआयना कर उसमें जमा पांच सौ व एक हजार रुपये के नोट को एकत्र करेगी। चौरासी परिसर में स्थापित सभी करीब बीस दानपात्रों को ढाई महीनों से खोला नहीं गया है।
मणिमहेश यात्रा संपन्न होने के बाद इन दानपात्रों में 500 व 1000 के नोट होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन दानपात्रों का मुआयना करेगा और यदि ऐसे नोट पाए जाते हैं तो उन्हें सरकारी खजाने में जमा करवा दिया जाएगा। इस समय चौरासी मंदिर, मणिमहेश मंदिर, बीस से अधिक शिव मंदिर, लखना माता, गणेश मंदिर, शिव मंदिर, धर्मराज, चामुंडा माता मंदिर के सामने यह दानपात्र स्थापित हैं। गौरतलब है कि मणिमहेश यात्रा के दौरान प्रशासन ने इन दानपात्रों को चौरासी परिसर में रखा था। जिन्हें यात्रा संपन्न होने के बाद एक बार खाली कर लिया गया। लेकिन दानपात्र हटाए नहीं गए। अब नोटबंदी के बाद इन्हें खोलने व जांचने की जरूरत महसूस हो रही है।
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कमेटी करेगी दानपात्रों की जांच : कंवर
उधर, एसडीएम डॉ. जितेंद्र कंवर ने बताया कि दानपात्र में 500 या एक हजार के नोट होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। प्रशासन ने दानपात्रों की जांच के लिए अधीक्षक की अगुुवाई में एक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी दानपात्रों की जांच करेगी और इनमें मिलने वाली नकदी को सरकारी खजाने में जमा करवाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही यह कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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