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Chamba News: 40 साल से खस्ताहाल भवन में चल रहा बनीखेत पीएचसी
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बनीखेत (चंबा)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनीखेत खस्ताहाल भवन में चल रहा है। हैरानी इस बात की है कि डेढ़ करोड़ खर्च कर नया भवन भी बनकर तैयार हो चुका है। बावजूद इसके पांच माह बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने इसे शिफ्ट नहीं किया है। आलम यह है कि पीएचसी की दीवारों का पलस्तर तक उखड़ चुका है।
दीवारों पर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ी हुई हैं। पीएचसी के पुराने भवन की सीलिंग पूरी तरह से गल-सड़ चुकी है। दवाई भंडारण कक्ष में सीलन के कारण दवाइयां खराब होने का भय बना रहता है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्राथमिकता के आधार पर पीएचसी को नए बने भवन में शिफ्ट करने की मांग स्वास्थ्य विभाग से उठाई है।
गौरतलब है कि 1980 के दशक में बनीखेत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुला था। 40 सालों से पीएचसी पुराने भवन में ही चल रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना 40 से 50 मरीजों की ओपीडी रहती है।
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ग्राम पंचायत बनीखेत, पुखरी, ढलोग, सुदली, मोरनु और बैली पंचायत की करीब आठ हजार की आबादी स्वास्थ्य लाभ के लिए स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है। नए भवन को तैयार हुए पांच माह बीच चुके हैं, इसके बावजूद केंद्र को वहां स्थानांतरित नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों बलदेव सिंह, अशोक कुमार, भूषण कुमार, ब्यास देव, मोहिंद्र सिंह, प्यार चंद, सुनील कुमार, अश्वनी कुमार आदि ने बताया कि 40 साल पुराने पीएचसी भवन की हालत काफी खस्ताहाल है।
बारिश के दौरान अक्सर भवन की छत से पानी टपकता रहता है। इससे मरीजों और पीएचसी में तैनात स्टाफ को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सीएमओ डॉ. कपिल शर्मा ने बताया कि भवन निर्माण करवाने वाली एजेंसी ने भवन को अभी तक हैंडओवर नहीं किया है। एजेंसी की ओर से आने वाले पत्र के बाद भवन का निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद ही पीएचसी को नए भवन में शिफ्ट किया जा सकता है।
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दीवारों पर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ी हुई हैं। पीएचसी के पुराने भवन की सीलिंग पूरी तरह से गल-सड़ चुकी है। दवाई भंडारण कक्ष में सीलन के कारण दवाइयां खराब होने का भय बना रहता है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्राथमिकता के आधार पर पीएचसी को नए बने भवन में शिफ्ट करने की मांग स्वास्थ्य विभाग से उठाई है।
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गौरतलब है कि 1980 के दशक में बनीखेत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुला था। 40 सालों से पीएचसी पुराने भवन में ही चल रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना 40 से 50 मरीजों की ओपीडी रहती है।
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ग्राम पंचायत बनीखेत, पुखरी, ढलोग, सुदली, मोरनु और बैली पंचायत की करीब आठ हजार की आबादी स्वास्थ्य लाभ के लिए स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है। नए भवन को तैयार हुए पांच माह बीच चुके हैं, इसके बावजूद केंद्र को वहां स्थानांतरित नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों बलदेव सिंह, अशोक कुमार, भूषण कुमार, ब्यास देव, मोहिंद्र सिंह, प्यार चंद, सुनील कुमार, अश्वनी कुमार आदि ने बताया कि 40 साल पुराने पीएचसी भवन की हालत काफी खस्ताहाल है।
बारिश के दौरान अक्सर भवन की छत से पानी टपकता रहता है। इससे मरीजों और पीएचसी में तैनात स्टाफ को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सीएमओ डॉ. कपिल शर्मा ने बताया कि भवन निर्माण करवाने वाली एजेंसी ने भवन को अभी तक हैंडओवर नहीं किया है। एजेंसी की ओर से आने वाले पत्र के बाद भवन का निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद ही पीएचसी को नए भवन में शिफ्ट किया जा सकता है।