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बारिश के लिए देवताओं के दरबार लगाई हाजिरी
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चंबा। जिले में एक माह से बादल नहीं बरसे हैं। ऐसे में गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है। साहो क्षेत्र में बारिश के लिए किसान चंद्रशेखर मंदिर और कुनैला शिखर मंदिर में पहुंच गए हैं। यहां किसान बारिश के लिए भगवान से दुआ कर रहे हैं।
उधर, कृषि विभाग के मुताबिक अगर एक सप्ताह के भीतर बारिश हो जाती है तो इससे फसल को संजीवनी मिल सकती है अन्यथा निर्धारित लक्ष्य तक गेहूं की फसल का उत्पादन होना काफी मुश्किल हो जाएगा।
जानकारी के मुताबिक जिले में 37 हजार हेक्टेयर भूमि में गेहूं का उत्पादन किया जाता है। इस बार विभाग ने जिले में 37,500 मीट्रिक टन गेहूं की पैदावार का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में गेहूं के दाने बनना शुरू हो गए हैं। इस समय बारिश होना बेहद जरूरी है। एक तरफ जहां लक्ष्य को लेकर कृषि विभाग चिंतित है तो वहीं, दूसरी ओर किसान भी बारिश न होने के चलते परेशान है। किसानों की मानें तो जिले में बारिश हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है। ऐसे में फसलों को नुकसान पहुंचना शुरू हो गया है।
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रमेश कुमार, राज कुमार, प्रीतम चंद, वीरेंद्र सिंह, शक्ति प्रसाद, सुनील कुमार और राजेश कुमार का कहना है कि इस बार सर्दियों में काफी बारिश हुई है लेकिन एक माह से बारिश नहीं हुई है। सिंचाई वाले क्षेत्रों में फसल पर इतना असर नहीं दिख रहा है, मगर बिना सिंचाई वाले क्षेत्र साहो, करियां, मुगला आदि में फसल पर प्रचंड धूप पड़ रही है।
कृषि उपनिदेशक डॉ. कुलदीप धीमान का कहना है कि बारिश न होने पर लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर आगामी एक सप्ताह में बारिश होती है तो फसल प्रभावित नहीं होगी।
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उधर, कृषि विभाग के मुताबिक अगर एक सप्ताह के भीतर बारिश हो जाती है तो इससे फसल को संजीवनी मिल सकती है अन्यथा निर्धारित लक्ष्य तक गेहूं की फसल का उत्पादन होना काफी मुश्किल हो जाएगा।
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जानकारी के मुताबिक जिले में 37 हजार हेक्टेयर भूमि में गेहूं का उत्पादन किया जाता है। इस बार विभाग ने जिले में 37,500 मीट्रिक टन गेहूं की पैदावार का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में गेहूं के दाने बनना शुरू हो गए हैं। इस समय बारिश होना बेहद जरूरी है। एक तरफ जहां लक्ष्य को लेकर कृषि विभाग चिंतित है तो वहीं, दूसरी ओर किसान भी बारिश न होने के चलते परेशान है। किसानों की मानें तो जिले में बारिश हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है। ऐसे में फसलों को नुकसान पहुंचना शुरू हो गया है।
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रमेश कुमार, राज कुमार, प्रीतम चंद, वीरेंद्र सिंह, शक्ति प्रसाद, सुनील कुमार और राजेश कुमार का कहना है कि इस बार सर्दियों में काफी बारिश हुई है लेकिन एक माह से बारिश नहीं हुई है। सिंचाई वाले क्षेत्रों में फसल पर इतना असर नहीं दिख रहा है, मगर बिना सिंचाई वाले क्षेत्र साहो, करियां, मुगला आदि में फसल पर प्रचंड धूप पड़ रही है।
कृषि उपनिदेशक डॉ. कुलदीप धीमान का कहना है कि बारिश न होने पर लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर आगामी एक सप्ताह में बारिश होती है तो फसल प्रभावित नहीं होगी।