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Chamba News: चंबा के चांजू में पावर प्रोजेक्ट की मनमानी, नहीं छोड़ रहे 15 फीसदी पानी
Mon, 25 Sep 2023 10:01 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 25 Sep 2023 10:01 AM IST
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चुराह में प्रोजेक्ट बांध से 15 प्रतिशत पानी नहीं छोड़े जाने से सूखा पड़ा नाला। स्त्रोत संवाद।
चंबा। चुराह विधानसभा क्षेत्र के चांजू में स्थित पावर प्रोजेक्ट एनजीटी के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहा है। प्रोजेक्ट प्रबंधन नियमाें को ताक पर रखकर अपने बांध से 15 फीसदी पानी नहीं छोड़ रहा है, जबकि एनजीटी के अनुसार पावर प्रोजेक्ट को हर हाल में बांध से 15 फीसदी पानी छोड़ना अनिवार्य है।
इसको लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन ने भी चंबा के पावर प्रोजेक्टों को आदेश जारी कर रखे हैं, ताकि निचले क्षेत्र पानी की कमी से प्रभावित न हो सकें। मगर चांजू में परियोजना के बांध से आगे का नाला पूरी तरह से सूख चुका है। नाले में कंपनी की मशीनरी दिन भर खनन करती रहती है। इसको लेकर भी कंपनी के पास कोई अनुमति नहीं है।
मगर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण प्रोजेक्ट प्रबंधक और कंपनी मनमानी कर कर रहे हैं। जहां पर बांध बनाया है, उससे आगे कई रिहायशी गांव हैं, जहां पर लोग खेतीबाड़ी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। इसके अलावा आसपास के जंगलों से वन्य जीव भी इसी नाले में पानी पीने के लिए उतरते हैं। मगर बांधा से पानी नहीं छोड़े जाने से स्थानीय लोगों को खेती करना मुश्किल हो गया है।
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वहीं, नाले का पानी सूखने से कई जीव जंतु भी प्यास दम तोड़ चुके हैं। प्रोजेक्ट प्रबंधन की मनमानी पर प्रशासन और संबंधित विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। कुछ दिन पहले पीसीबी ने जिला के सभी छोटे पावर परियोजनाओं के प्रबंधक बुलाए थे। उन्हें बैठक में एनजीटी की गाइडलाइन की पालना करने संबंधी सख्त निर्देश दिए थे कि वे हर हाल में बांध से 15 फीसदी पानी छोडें। पानी छोड़ने की प्रक्रिया की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए थे, लेकिन चांजू में प्रोजेक्ट प्रबंधन इसकी पालना ही नहीं कर रहे हैं।
यह मामला ध्यान में लाया गया है। कनिष्ठ अभियंता को प्रोजेक्ट का औचक निरीक्षण करके कड़ी कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए हैं।
- राहुल शर्मा,, सहायक अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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इसको लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन ने भी चंबा के पावर प्रोजेक्टों को आदेश जारी कर रखे हैं, ताकि निचले क्षेत्र पानी की कमी से प्रभावित न हो सकें। मगर चांजू में परियोजना के बांध से आगे का नाला पूरी तरह से सूख चुका है। नाले में कंपनी की मशीनरी दिन भर खनन करती रहती है। इसको लेकर भी कंपनी के पास कोई अनुमति नहीं है।
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मगर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण प्रोजेक्ट प्रबंधक और कंपनी मनमानी कर कर रहे हैं। जहां पर बांध बनाया है, उससे आगे कई रिहायशी गांव हैं, जहां पर लोग खेतीबाड़ी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। इसके अलावा आसपास के जंगलों से वन्य जीव भी इसी नाले में पानी पीने के लिए उतरते हैं। मगर बांधा से पानी नहीं छोड़े जाने से स्थानीय लोगों को खेती करना मुश्किल हो गया है।
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वहीं, नाले का पानी सूखने से कई जीव जंतु भी प्यास दम तोड़ चुके हैं। प्रोजेक्ट प्रबंधन की मनमानी पर प्रशासन और संबंधित विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। कुछ दिन पहले पीसीबी ने जिला के सभी छोटे पावर परियोजनाओं के प्रबंधक बुलाए थे। उन्हें बैठक में एनजीटी की गाइडलाइन की पालना करने संबंधी सख्त निर्देश दिए थे कि वे हर हाल में बांध से 15 फीसदी पानी छोडें। पानी छोड़ने की प्रक्रिया की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए थे, लेकिन चांजू में प्रोजेक्ट प्रबंधन इसकी पालना ही नहीं कर रहे हैं।
यह मामला ध्यान में लाया गया है। कनिष्ठ अभियंता को प्रोजेक्ट का औचक निरीक्षण करके कड़ी कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए हैं।
- राहुल शर्मा,, सहायक अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड