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Chamba News: सौर ऊर्जा बाड़बंदी योजना बदलने से 166 किसानों के आवेदन लटके
Mon, 02 Dec 2024 11:26 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 02 Dec 2024 11:26 PM IST
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चंबा। चंबा जिले में किसानों के लिए एक बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है। सौर ऊर्जा बाड़बंदी योजना, जो किसानों को उनके खेतों को जंगली जानवरों, खासकर बंदरों, से बचाने के लिए मदद करती थी, अब कंटीले तारों और मैश जाली बाड़बंदी योजना में बदल दी गई है। इसके कारण किसानों को योजना का पूरा लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि कंटीले तारों और जाली से बंदरों से फसलें बचाना मुश्किल होगा। इस बदलाव ने 150 मामलों को स्वीकृति के लिए लंबित कर दिया है और 16 मामले जो पहले स्वीकृत हुए थे, अब क्रियान्वयन के लिए रुके पड़े हैं।
किसानों ने प्रदेश सरकार, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, कृषि मंत्री और सदर विधायक से चंबा जिला की भूगौलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए आकांक्षी जिला के लिए सौर बाड़बंदी योजना के प्राप्त केस स्वीकृत करते हुए इस योजना में बदलाव न करने की मांग उठाई है। साथ ही उन्होंने विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों को राष्ट्रीय प्रशिक्षुता योजना के जरिये आप्ररेंटिस कर्मचारियों पर भरा जा सकता है। जिससे विभागीय कार्यालयों में अपने कार्य करवाने के लिए पहुंचने वाले लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर न काटने पड़े।
किसान कुंदन लाल गुप्ता, बलदेव सिंह राठौर, प्रकाश चंद, विजय कुमार, नरेश कुमार, दलीप कुमार, योगराज और प्रकाश चंद ने बताया कि विकास की जो भी योजनाएं शिमला से चलती हैं वो चंबा की दूरी तय करते-करते रास्ते में ही दम तोड़ देती हैं। यही अवस्था किसानों की सौर ऊर्जा बाड़बंदी योजना का भी हुआ है। योजना के जरिये अब किसान लाभान्वित होने के लिए प्रयास कर रहे हैं तो इस योजना को ही बंद कर दिया गया है। किसानों का कहना है कि योजना में बदलाव के बाद किसान जंगली जानवरों से तो कंटीले तारों से रक्षा कर लेंगे, लेकिन बंदरों से फसलों का बचाव नहीं हो पाएगा।
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किसानों ने प्रदेश सरकार, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, कृषि मंत्री और सदर विधायक से चंबा जिला की भूगौलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए आकांक्षी जिला के लिए सौर बाड़बंदी योजना के प्राप्त केस स्वीकृत करते हुए इस योजना में बदलाव न करने की मांग उठाई है। साथ ही उन्होंने विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों को राष्ट्रीय प्रशिक्षुता योजना के जरिये आप्ररेंटिस कर्मचारियों पर भरा जा सकता है। जिससे विभागीय कार्यालयों में अपने कार्य करवाने के लिए पहुंचने वाले लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर न काटने पड़े।
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किसान कुंदन लाल गुप्ता, बलदेव सिंह राठौर, प्रकाश चंद, विजय कुमार, नरेश कुमार, दलीप कुमार, योगराज और प्रकाश चंद ने बताया कि विकास की जो भी योजनाएं शिमला से चलती हैं वो चंबा की दूरी तय करते-करते रास्ते में ही दम तोड़ देती हैं। यही अवस्था किसानों की सौर ऊर्जा बाड़बंदी योजना का भी हुआ है। योजना के जरिये अब किसान लाभान्वित होने के लिए प्रयास कर रहे हैं तो इस योजना को ही बंद कर दिया गया है। किसानों का कहना है कि योजना में बदलाव के बाद किसान जंगली जानवरों से तो कंटीले तारों से रक्षा कर लेंगे, लेकिन बंदरों से फसलों का बचाव नहीं हो पाएगा।
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