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Chamba News: चंबा में इस बार 50 फीसदी कम हुई सेब की पैदावार
Mon, 25 Sep 2023 10:52 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 25 Sep 2023 10:52 PM IST
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चंबा। जिला चंबा में 2022 की अपेक्षा इस वर्ष 50 फीसदी सेब की पैदावार कम हुई है। मौसम की मार को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है।
सेब की बंपर फसल न होने से बागवानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, उद्यान विभाग ने अपने स्तर पर भी नुकसान की रिपोर्ट तैयार करवा कर विभागीय अधिकारियों को भेजी है। सेब की कम पैदावार होने से बागवानों को काफी घाटा उठाना पड़ा है।
गौर रहे कि जिले के भरमौर-होली, तीसा, सलूणी, साहो, सिल्लाघ्राट और पांगी में बागवान सेब की पैदावार करते हैं। बागवानों के अनुसार जरूरत के समय बारिश नहीं हुई। सेब की फसल के लिए आवश्यक माने जाने वाले चिलिंग ऑवर्स पूरे नहीं हो पाए। जब सेब की फसल तैयार हो रही थी तो ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाया। इससे बागवानों को घाटा उठाना पड़ा है।
वहीं, विभागीय अधिकारियों की मानें तो जिले में हर वर्ष 34 हजार मीट्रिक टन सेब पैदावार होती है। इस बार जिले में अमूमन 17 हजार मीट्रिक टन ही सेब की फसल हो पाई है। उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजीव चंद्रा ने बताया कि मौसम की मार से इस बार सेब की पैदावार कम हुई है।
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सेब की बंपर फसल न होने से बागवानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, उद्यान विभाग ने अपने स्तर पर भी नुकसान की रिपोर्ट तैयार करवा कर विभागीय अधिकारियों को भेजी है। सेब की कम पैदावार होने से बागवानों को काफी घाटा उठाना पड़ा है।
गौर रहे कि जिले के भरमौर-होली, तीसा, सलूणी, साहो, सिल्लाघ्राट और पांगी में बागवान सेब की पैदावार करते हैं। बागवानों के अनुसार जरूरत के समय बारिश नहीं हुई। सेब की फसल के लिए आवश्यक माने जाने वाले चिलिंग ऑवर्स पूरे नहीं हो पाए। जब सेब की फसल तैयार हो रही थी तो ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाया। इससे बागवानों को घाटा उठाना पड़ा है।
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वहीं, विभागीय अधिकारियों की मानें तो जिले में हर वर्ष 34 हजार मीट्रिक टन सेब पैदावार होती है। इस बार जिले में अमूमन 17 हजार मीट्रिक टन ही सेब की फसल हो पाई है। उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजीव चंद्रा ने बताया कि मौसम की मार से इस बार सेब की पैदावार कम हुई है।
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