फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Chamba News ›   aparajita chamba Aparajita Amar Ujala Aparajita-100-Million-Smiles

महिला को रात के समय गिरफ्तार नहीं कर सकती पुलिस : डीएसपी

Mon, 23 Dec 2019 10:33 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 23 Dec 2019 10:33 PM IST
विज्ञापन
aparajita chamba Aparajita Amar Ujala Aparajita-100-Million-Smiles
सलूणी में अपराजिता कार्यक्रम में भाग लेते प्रशिक्षु स्कूल स्टाफ व अधिकारी । - फोटो : Chamba
चंबा। हमारे देश की कानून व्यवस्था अंग्रेजों की देन है। देश के कानून में आईपीसी, सीआरपीसी और इंडियन एविडेंस एक्ट पर चलता है। राजकीय महाविद्यालय सलूणी में आयोजित अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचें डीएसपी सलूणी रामकरण राणा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ये बात कही। उन्होंने कहा कि कानून के बारे में लोगों विशेषकर युवाओं को जानकारी होना अनिवार्य है।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) का गठन 1867 में लार्ड थॉमस मैकाले की अध्यक्षता में किया गया था। ये एक ऐसी बुक है, जिसमें अपराधों, सजा के बारे में विस्तार से जानकारी मिलती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का काम कानून बनाना है। इसके अलावा पुलिस राज्य सरकार की जांच एजेंसी के रूप में काम करती है। किसी भी प्रकार का अपराध होने पर पुलिस एफआईआर दर्ज करती है। उन्होंने कहा कि 46 सीआरपीसी के तहत एक छोटी सी संशोधन किया गया है।
विज्ञापन

इसके तहत किसी भी महिला को रात के समय गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा अपराध बड़ा होने पर महिला को रात में गिरफ्तार करने से पूर्व महिला सब इंस्पेक्टर को न्यायाधीश से अनुमति लेनी पड़ती है। न्यायाधीश की अनुमति के बाद ही महिला को गिरफ्तार किया जा सकता है। इसके अलावा बयान दर्ज करने के लिए महिला और बच्चों को थानों में नहीं बुलाया जा सकता है। डीएसपी रामकरण राणा ने विद्यार्थियों को गुड़िया हेल्पलाइन 1515, होशियार हेल्पलाइन 1090, शक्ति ऐप बारे विस्तार से जानकारी प्रदान की।
विज्ञापन
विज्ञापन

कहा कि आज की युवा पीढ़ी नशे की गर्त में धंसती जा रही है। युवाओं को नशा छोड़ कर अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। आईटीआई सलूणी के प्रधानाचार्य पान चंद ने कहा कि युवाओं को अपने जीवन में सही लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। जिससे परिवार के साथ-साथ वे एक सभ्य समाज का निर्माण कर सकें। महिला एवं बाल विकास परियोजना तीसा की सुपरवाइजर निशा ने कहा कि पहले बेटियों को बोझ समझा जाता था। ग्रामीण परिक्षेत्र में इसके कई उदाहरण देखने को मिलते हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों को कम पढ़ाया जाता है।

बहुत सी किशोरियां आठवीं में ही स्कूल छोड़ जाती थीं। इसी धारणा को तोड़ने के लिए सरकार ने बेटी है अनमोल योजना को क्रियान्वित किया गया। इसका मुख्य मकसद बेटियों को स्कूलों में पहुंचाना, उनके भविष्य को सुदृढ़ करना है। कहा कि बच्चों विशेषकर बेटियों को पौष्टिक भोजन और ग्रामीण स्तर पर मिलने वाली सब्जियों, फलों और अनाज का सेवन करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed