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वर्ष 2030 तक एक लाख पौधे रोपने का लक्ष्य
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पौधारोपण करते हिंगराज चिराग।
- फोटो : Chamba
चंबा। पर्यावरण से विशेष लगाव रखने वाले हिंगराज चिराग की पहचान पेड़ों वाले मास्टर के तौर पर बन गई है। अब तक हिंगराज चिराग करीब सात हजार से अधिक पौधे रोप चुके हैं। हिंगराज चिराग सीनियर सेकेंडरी स्कूल कल्हेल में बतौर टीजीटी आर्ट्स तैनात हैं। उनकी धर्मपत्नी चंपा शर्मा भी इसी स्कूल में बतौर प्रवक्ता अर्थशास्त्र के रूप में सेवाएं दे रही हैं।
कोविड-19 की जंग में चंपा शर्मा ने घर में बैठकर जहां बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाया तो वहीं शेष समय का इस्तेमाल कर फेस मास्क तैयार किए। वहीं, दूसरी तरफ हिंगराज ने लॉकडाउन की अवधि में कोविड नियमों का पालन करते हुए वर्ष 2020 में एक हजार पौधे रोपे। वर्ष 2021 में भी अब तक पांच सौ से अधिक पौधे ग्रामीणों के साथ मिलकर रोप चुके हैं।
गौरतलब है कि पौधरोपण अभियान की शुरुआत हिंगराज ने वर्ष 1987 में की थी। तब से यह अभियान जारी है। उन्होंने बताया कि पांच जून 2030 तक करीब एक लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिन्हें पेड़ों के रूप में परिवर्तित किया जाएगा। चिराग गांव डिभरू तहसील सलूणी के रहने वाले हैं।
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कोविड-19 की जंग में चंपा शर्मा ने घर में बैठकर जहां बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाया तो वहीं शेष समय का इस्तेमाल कर फेस मास्क तैयार किए। वहीं, दूसरी तरफ हिंगराज ने लॉकडाउन की अवधि में कोविड नियमों का पालन करते हुए वर्ष 2020 में एक हजार पौधे रोपे। वर्ष 2021 में भी अब तक पांच सौ से अधिक पौधे ग्रामीणों के साथ मिलकर रोप चुके हैं।
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गौरतलब है कि पौधरोपण अभियान की शुरुआत हिंगराज ने वर्ष 1987 में की थी। तब से यह अभियान जारी है। उन्होंने बताया कि पांच जून 2030 तक करीब एक लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिन्हें पेड़ों के रूप में परिवर्तित किया जाएगा। चिराग गांव डिभरू तहसील सलूणी के रहने वाले हैं।
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