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चार दिन से टेंटों और स्कूलों में रातेें गुजार रहे प्रभावित
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सिहुंता के ककरोटी में बात करने के दौरान भावुक हुई प्रभावित महिला को दिलासा देते विधायक बिक्रम सि?
- फोटो : Chamba
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सिहुंता (चंबा)। सिहुंता क्षेत्र के तहत ग्राम पंचायत ककरोटीघट्टा में भारी बारिश के बाद हालात अभी तक पटरी पर नहीं लौट पाए हैं। यहां दोपहर के समय 25 परिवार ककरोटीघट्टा स्थित मैदान में एकत्रित हो जाते हैं। रात के समय महज पांच परिवारों को छोड़कर 20 परिवार विद्यालय, पंचायत भवन और अपने रिश्तेदारों के घरों में रात गुजारने के लिए कूच कर जाते हैं। यह सिलसिला बीते चार दिन से यूं ही चला हुआ है।
गांव पर तरटी खोपरु नामक स्थान पर स्थित पहाड़ी से भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। इतना ही नहीं बारिश के दौरान ग्रामीणों के घरों में दरारें आ चुकी हैं। ऐसे में अब अपनी जान बचाने के लिए ये लोग प्रशासन और पंचायत प्रबंधन की ओर से दिए गए शरणस्थलों में रहने के लिए मजबूर हैं। प्रभावितों की सहूलियत के लिए प्रशासन और विधायक की ओर से ग्रामीणों के लिए टेंट और खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। बहरहाल वीरवार को भटियात के विधायक बिक्रम जरयाल ने मौके पर पहुंच कर प्रभावितों का हाल जाना।
विधायक को देख कर प्रभावित महिलाओं की आंखों से आंसू छलक पड़े। प्रभावित अब प्रशासन से सुरक्षित जगह पर मकान बनाने के लिए जमीन और उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। उपमंडल अधिकारी जगन ठाकुर का कहना है कि यह मामला ध्यान में है। कहा कि प्रशासन की ओर से व्यवस्था की जा रही है।
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गांव पर तरटी खोपरु नामक स्थान पर स्थित पहाड़ी से भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। इतना ही नहीं बारिश के दौरान ग्रामीणों के घरों में दरारें आ चुकी हैं। ऐसे में अब अपनी जान बचाने के लिए ये लोग प्रशासन और पंचायत प्रबंधन की ओर से दिए गए शरणस्थलों में रहने के लिए मजबूर हैं। प्रभावितों की सहूलियत के लिए प्रशासन और विधायक की ओर से ग्रामीणों के लिए टेंट और खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। बहरहाल वीरवार को भटियात के विधायक बिक्रम जरयाल ने मौके पर पहुंच कर प्रभावितों का हाल जाना।
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विधायक को देख कर प्रभावित महिलाओं की आंखों से आंसू छलक पड़े। प्रभावित अब प्रशासन से सुरक्षित जगह पर मकान बनाने के लिए जमीन और उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। उपमंडल अधिकारी जगन ठाकुर का कहना है कि यह मामला ध्यान में है। कहा कि प्रशासन की ओर से व्यवस्था की जा रही है।
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