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Chamba News: ‘सवा करोड़ की धांधली के मामले में पंचायती राज एक्ट के तहत हो कार्रवाई
Thu, 18 Sep 2025 10:46 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 18 Sep 2025 10:46 PM IST
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चंबा। चुराह की सनवाल पंचायत में सवा करोड़ रुपये की मनरेगा गड़बड़ी मामले में पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ पंचायती राज एक्ट 1994 की धारा 1451 के तहत कार्रवाई की मांग उठी है। स्थानीय लोगों ने इस संबंध में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल मौसम दीन, नरैण, शेर सिंह, नौरंग, चैन लाल, नवी और यासीन ने बताया कि पूर्व जिला परिषद ने अन्य पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर सेब पौधरोपण खरीद में सवा करोड़ रुपये की धांधली की। तत्कालीन एसडीएम चुराह ने जांच की और सभी आरोप सही पाए गए। इस कारण प्रधान और तत्कालीन खंड विकास अधिकारी को निलंबित किया है। अभी तक पंचायती राज विभाग ने केवल प्रधान व बीडीओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की है। अन्य पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं की गई है, जो कि विभाग की कार्यप्रणाली व निष्पक्षता को भी संदेह के दायरे में लाता है।
उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत जब लोगों ने 2 जनवरी को पुलिस अधीक्षक से की तो इस मामले में तीसा थाना के प्रभारी ने निष्पक्ष जांच करते हुए आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसमें पंचायत प्रधान, उप प्रधान, जीआरएस, वेंडर तथा पूर्व जिला परिषद, सचिव तथा कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद ये सभी आरोपी अग्रिम जमानत के लिए उच्च न्यायालय पहुंच गए। अदालत ने भी उनकी जमानत याचिका तीन जुलाई को खारिज कर दी। उसके बाद सभी आरोपी भाग गए और सर्वोच्च न्यायालय में जमानत पाने के लिए पहुंच गए, लेकिन उन्हें वहां पर राहत नहीं मिली। इसके बाद आरोपी पुलिस की हिरासत में आए।
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उन्होंने कहा कि पंचायती राज एक्ट 1994 की धारा 1451 (क) के अनुसार यदि कोई प्रतिनिधि लगातार 14 दिन किसी आपराधिक केस में हिरासत में रहेगा तो उसको तुरंत प्रभाव से निलंबित करने का प्रावधान है, लेकिन इस केस में ऐसा विभाग ने नहीं किया। उन्हाेंने उपायुक्त से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
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प्रतिनिधिमंडल में शामिल मौसम दीन, नरैण, शेर सिंह, नौरंग, चैन लाल, नवी और यासीन ने बताया कि पूर्व जिला परिषद ने अन्य पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर सेब पौधरोपण खरीद में सवा करोड़ रुपये की धांधली की। तत्कालीन एसडीएम चुराह ने जांच की और सभी आरोप सही पाए गए। इस कारण प्रधान और तत्कालीन खंड विकास अधिकारी को निलंबित किया है। अभी तक पंचायती राज विभाग ने केवल प्रधान व बीडीओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की है। अन्य पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं की गई है, जो कि विभाग की कार्यप्रणाली व निष्पक्षता को भी संदेह के दायरे में लाता है।
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उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत जब लोगों ने 2 जनवरी को पुलिस अधीक्षक से की तो इस मामले में तीसा थाना के प्रभारी ने निष्पक्ष जांच करते हुए आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसमें पंचायत प्रधान, उप प्रधान, जीआरएस, वेंडर तथा पूर्व जिला परिषद, सचिव तथा कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद ये सभी आरोपी अग्रिम जमानत के लिए उच्च न्यायालय पहुंच गए। अदालत ने भी उनकी जमानत याचिका तीन जुलाई को खारिज कर दी। उसके बाद सभी आरोपी भाग गए और सर्वोच्च न्यायालय में जमानत पाने के लिए पहुंच गए, लेकिन उन्हें वहां पर राहत नहीं मिली। इसके बाद आरोपी पुलिस की हिरासत में आए।
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उन्होंने कहा कि पंचायती राज एक्ट 1994 की धारा 1451 (क) के अनुसार यदि कोई प्रतिनिधि लगातार 14 दिन किसी आपराधिक केस में हिरासत में रहेगा तो उसको तुरंत प्रभाव से निलंबित करने का प्रावधान है, लेकिन इस केस में ऐसा विभाग ने नहीं किया। उन्हाेंने उपायुक्त से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।