{"_id":"6abd3dac43019ffd6c0bd7cc","slug":"a-harvest-of-hopes-swaying-on-the-trees-chamba-news-c-88-1-cmb1003-198379-2026-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: पेड़ों पर झूल रही उम्मीदों की फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: पेड़ों पर झूल रही उम्मीदों की फसल
Wed, 30 Sep 2026 10:19 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 30 Sep 2026 10:19 PM IST
विज्ञापन
होली क्षेत्र में 290 टन अखरोट ने बढ़ाई बागवानों की कमाई की आस, 200 रुपये सैकड़ा तक भाव
मौसम ने दिया साथ तो पहाड़ी बागों में जमकर फला अखरोट, तुड़ाई के बाद सुखाने में जुटे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
होली (चंबा)। होली की पहाड़ियों में इस बार अखरोट के पेड़ बागवानों की उम्मीदों का भार उठा रहे हैं। डालियों पर लदे फल अच्छी पैदावार की कहानी कह रहे हैं। अनुकूल मौसम के चलते क्षेत्र में करीब 290 टन अखरोट का उत्पादन हुआ है। इससे बागवानों को पिछले वर्षों के मुकाबले बेहतर आमदनी की उम्मीद जगी है।
क्षेत्र के कई गांवों में अखरोट की तुड़ाई शुरू हो गई है। किसान पेड़ों से फल उतारने के बाद उन्हें सुखाने और बाजार में बिक्री के लिए तैयार करने में जुटे हैं। रोशन लाल, विजय कुमार, अमर सिंह, चैन लाल, ज्ञान चंद और जग्गो राम ने बताया कि अखरोट यहां की प्रमुख नकदी फसलों में शामिल है। पिछले वर्षों में मौसम में बदलाव और प्राकृतिक कारणों से उत्पादन प्रभावित होता रहा, लेकिन इस बार पेड़ों पर अच्छी फलन हुई है।
किसानों के अनुसार अखरोट करीब 200 रुपये सैकड़ा तक बिक रहा है। बागवानों ने उन्नत पौध उपलब्ध करवाने, तकनीकी मार्गदर्शन और स्थानीय स्तर पर विपणन की बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि उपज का उचित बाजार और अच्छा दाम मिले तो अखरोट ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है। उधर, उद्यान कार्यालय प्रभारी मनोहर लाल ने बताया कि इस वर्ष क्षेत्र में करीब 290 टन अखरोट की पैदावार हुई है। किसानों को फसल के अच्छे दाम भी मिल रहे हैं।
विज्ञापन
--
विज्ञापन
मौसम ने दिया साथ तो पहाड़ी बागों में जमकर फला अखरोट, तुड़ाई के बाद सुखाने में जुटे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
होली (चंबा)। होली की पहाड़ियों में इस बार अखरोट के पेड़ बागवानों की उम्मीदों का भार उठा रहे हैं। डालियों पर लदे फल अच्छी पैदावार की कहानी कह रहे हैं। अनुकूल मौसम के चलते क्षेत्र में करीब 290 टन अखरोट का उत्पादन हुआ है। इससे बागवानों को पिछले वर्षों के मुकाबले बेहतर आमदनी की उम्मीद जगी है।
क्षेत्र के कई गांवों में अखरोट की तुड़ाई शुरू हो गई है। किसान पेड़ों से फल उतारने के बाद उन्हें सुखाने और बाजार में बिक्री के लिए तैयार करने में जुटे हैं। रोशन लाल, विजय कुमार, अमर सिंह, चैन लाल, ज्ञान चंद और जग्गो राम ने बताया कि अखरोट यहां की प्रमुख नकदी फसलों में शामिल है। पिछले वर्षों में मौसम में बदलाव और प्राकृतिक कारणों से उत्पादन प्रभावित होता रहा, लेकिन इस बार पेड़ों पर अच्छी फलन हुई है।
विज्ञापन
किसानों के अनुसार अखरोट करीब 200 रुपये सैकड़ा तक बिक रहा है। बागवानों ने उन्नत पौध उपलब्ध करवाने, तकनीकी मार्गदर्शन और स्थानीय स्तर पर विपणन की बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि उपज का उचित बाजार और अच्छा दाम मिले तो अखरोट ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है। उधर, उद्यान कार्यालय प्रभारी मनोहर लाल ने बताया कि इस वर्ष क्षेत्र में करीब 290 टन अखरोट की पैदावार हुई है। किसानों को फसल के अच्छे दाम भी मिल रहे हैं।
विज्ञापन