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अग्निकांड प्रभावितों को राहत राशि दें
Chamba
Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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चंबा। जिला प्रोग्रेसिव काउंसिल की बैठक जिला मुख्यालय में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता काउंसिल के प्रधान हरि राम पुरी ने की। बैठक में 18 मार्च को मोहल्ला चरपट में हुई आगजनी की घटना पर विस्तृत चर्चा की गई। आगजनी से कई दुकानें और मकान जलकर राख हो गए हैं। काउंसिल ने संबंधित परिवारों के साथ सहानुभूति प्रकट की तथा सरकार से अनुरोध किया कि प्रभावित परिवारों को ज्यादा से ज्यादा राहत राशि दी जाए। वर्ष 1979 से आज तक 18 बड़ी आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं। चंबा शहर में 98 के करीब हाइड्रेंट राजाओं के समय में 1938 में लगाए गए थे। उसके बाद 74 वर्ष बीत जाने पर भी इन हाइड्रेंट की मरम्मत नहीं हो पाई है।
पाइपें पुरानी होने के कारण पानी हाइड्रेंट तक नहीं पहुंचा पा रहा है। ऐसी स्थिति में फायर ब्रिगेड को आग पर काबू पाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। 2011 में आईपीएच विभाग ने चार नये हाइड्रेंट लगाए थे। इनमें पानी का पूरा प्रेशर है। 18 मार्च को हुई आगजनी में स्थानीय कालेज के पास लगे नये हाइड्रेंट से ही आग पर काबू पाया गया।
शहर में नौ के करीब नये हाइड्रेंट लग जाएं, तभी शहर को आग से बचाया जा सकता है। इस बारे में शहर के बुद्धिजीवियों से विचार विमर्श उपरांत सरकार को प्रपोजल भी भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त पिछले बैठक में निर्णय लिया था कि कंटोनमेंट बोर्ड डलहौजी द्वारा बनीखेत के पास टोल बैरियर का कोई औचित्य नहीं है। कैंट बोर्ड की सड़क सुरखीगला से शुरू होती है, जो यात्री पठानकोट से चंबा आते हैं, उनसे नाजायज टोल टैक्स वसूल किया जा रहा है। इस बैरियर को तुरंत सुरखीगला के पास लगाना चाहिए। इस प्रस्ताव का अनुमोदन चंबा वेलफेयर एसोसिएशन ने भी किया है। काउंसिल ने डीसी चंबा से अनुरोध किया है कि स्थानीय श्मशानघाट के पास जो रिटेनिंग वाल गिर गई है, उसकी जल्दी से जल्दी मरम्मत की जाए। इस पर तकरीबन नौ लाख रुपये खर्च होंगे। इसके लिए काउंसिल के सदस्य आठ दिसंबर को डीसी से मिले थे।
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इस मौके पर गुरमिक सिंह, सुरेंद्र चोणा, एससी नेय्यर, रमेश महाजन, डा. ओम पुरी, हरी राम पुरी, राजेंद्र पुरी, बिट्टू कुकरेजा और अनूप महाजन उपस्थित थे।
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पाइपें पुरानी होने के कारण पानी हाइड्रेंट तक नहीं पहुंचा पा रहा है। ऐसी स्थिति में फायर ब्रिगेड को आग पर काबू पाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। 2011 में आईपीएच विभाग ने चार नये हाइड्रेंट लगाए थे। इनमें पानी का पूरा प्रेशर है। 18 मार्च को हुई आगजनी में स्थानीय कालेज के पास लगे नये हाइड्रेंट से ही आग पर काबू पाया गया।
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शहर में नौ के करीब नये हाइड्रेंट लग जाएं, तभी शहर को आग से बचाया जा सकता है। इस बारे में शहर के बुद्धिजीवियों से विचार विमर्श उपरांत सरकार को प्रपोजल भी भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त पिछले बैठक में निर्णय लिया था कि कंटोनमेंट बोर्ड डलहौजी द्वारा बनीखेत के पास टोल बैरियर का कोई औचित्य नहीं है। कैंट बोर्ड की सड़क सुरखीगला से शुरू होती है, जो यात्री पठानकोट से चंबा आते हैं, उनसे नाजायज टोल टैक्स वसूल किया जा रहा है। इस बैरियर को तुरंत सुरखीगला के पास लगाना चाहिए। इस प्रस्ताव का अनुमोदन चंबा वेलफेयर एसोसिएशन ने भी किया है। काउंसिल ने डीसी चंबा से अनुरोध किया है कि स्थानीय श्मशानघाट के पास जो रिटेनिंग वाल गिर गई है, उसकी जल्दी से जल्दी मरम्मत की जाए। इस पर तकरीबन नौ लाख रुपये खर्च होंगे। इसके लिए काउंसिल के सदस्य आठ दिसंबर को डीसी से मिले थे।
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इस मौके पर गुरमिक सिंह, सुरेंद्र चोणा, एससी नेय्यर, रमेश महाजन, डा. ओम पुरी, हरी राम पुरी, राजेंद्र पुरी, बिट्टू कुकरेजा और अनूप महाजन उपस्थित थे।