{"_id":"5bf57c9abdec2269c2366943","slug":"81542814874-chamba-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलर्ट : जिले में हर महीने सामने आ रहे सौ कैंसर के नए मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलर्ट : जिले में हर महीने सामने आ रहे सौ कैंसर के नए मरीज
Updated Wed, 21 Nov 2018 09:15 PM IST
विज्ञापन
cancer
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुभाष कुमार अग्निहोत्री
विज्ञापन
चंबा। जिले के लोगों में कैंसर की बीमारी दिनप्रतिदिन बढ़ती जा रही है। चंबा मेडिकल कॉलेज में हर महीने ओपीडी में कैंसर के सौ नए मरीज सामने आ रहे हैं। इस आंकड़े से चिकित्सक भी सकते में हैं। डॉक्टरों के मुताबिक कैंसर के मरीजों में फेफड़ों के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है।
नए सामने आने वाले मामलों में वर्तमान समय में 20 प्रतिशत फेफड़े के कैंसर केमरीज मेडिकल कॉलेज चंबा में उपचार के लिए पहुंच चुके हैं। मेडिकल कॉलेज चंबा में प्रति माह विभिन्न प्रकार के कैंसर संबंधी 80 से लेकर 100 रोगियों की ओपीडी हैं। कैंसर बीमारी के बारे में बारे में अनभिज्ञता होना भी इसके रोगियों की संख्या बढ़ने का मुख्य कारण है। कुल मिलाकर मेडिकल कॉलेज चंबा में दूसरे या तीसरे स्टेज से गुजर रहे फेफड़े के कैंसर के मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। नतीजतन, दूसरे और तीसरे स्टेज में पहुंच चुके मरीजों के इलाज में संबंधित चिकित्सकों को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
विज्ञापन
धूम्रपान और तंबाकू मुख्य वजह
जिले में नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता लाने के लिए भले ही प्रशासनिक स्तर भरपूर प्रयास किए जा रहे हैं। बावजूद इसके जिले में इसके प्रतिकूल प्रभाव नहीं दिख रहे हैं। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण मेडिकल कॉलेज चंबा में इलाज करवाने के लिए आने वाले रोगियों की संख्या से चलता है। डॉक्टरों के अनुसार सिगरेट, बीड़ी, मदिरापान, गुटका और खैनी का सेवन कैंसर का मुख्य कारण है। इसमें पुरुषों के साथ महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। आलम, यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश महिलाएं भी धूम्रपान करती हैं। इस कारण महिलाएं भी फेफड़े के कैंसर का शिकार हो रही हैं। मेडिकल कॉलेज चंबा में सितंबर 2017 में कैंसर विभाग के असिस्टेंट प्रो. ने ज्वाइन किया था। सितंबर 2017 से लेकर अब तक एक हजार कैंसर रोगियों की ओपीडी हो चुकी है। मेडिकल कॉलेज चंबा में कैंसर रोगियों को निशुल्क कीमो थेरेपी की जा रही है। वर्ष 2017 से अब तक की बात की जाए तो एक हजार ओपीडी के दौरान 350 मरीजों को निशुल्क कैंसर टीके और कीमो थेरेपी की गई है।
विज्ञापन
फेफड़े के कैंसर के ये हैं लक्षण
लंबे समय से खांसी का रहना, खांसी के साथ खून का आना, खांसी के साथ आने वाले खून के दौरान किसी प्रकार का दर्द न होना, छाती में दर्द होना, पीठ, कंधे और शरीर में दर्द का रहना, भूख कम लगना, वजन का कम होना और सांस फूलना फेफड़े के कैंसर के लक्षण हैं।
ये बरतें सावधानियां
लंबे समय तक खांसी रहने पर रोगी को चिकित्सीय सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा अगर किसी व्यक्ति को खांसी के साथ खून आ रहा है, तो उसे समय गवाए तुरंत चिकित्सक के पास जाना चाहिए। कैंसर विभाग के असिस्टेंट प्रो. डॉ. भूषण परमार ने बताया कि जिले में हर महीने 80 से सौ मरीज कैंसर के पहुंच रहे हैं। इसमें फेफड़े के कैंसर के मरीजों की संख्या ज्यादा है। कहा कि लोगों में कैंसर के बारे में अनभिज्ञता होना भी रोगियों की संख्या बढ़ने का मुख्य कारण है।