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जांघी के तीन गांव आज भी सड़क सुविधा से महरूम
Updated Tue, 20 Feb 2018 10:38 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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चंबा। ग्राम पंचायत जांधी के अधीन आने वाले ब्रेही, तराला और बथरी गांव के लोग आज भी सड़क सुविधा से कोसों दूर हैं। सड़क के अभाव में गांवों की दो हजार की आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि गांव में अगर कोई बीमार पड़ जाता है तो उसे पालकी में उठाकर लोगों को सात किलोमीटर का पैदल सफर तय कर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। इसके बाद वाहन के माध्यम से मरीज को मेडिकल कॉलेज चंबा तक लाया जाता है। गांवों को सड़क से जोड़ने के बारे में संबंधित विभाग ने कई मर्तबा सर्वे किए हैं। बावजूद इसके आज तक सड़क निर्माण के लिए उठाए गए कदम सर्वे से आगे नहीं बढ़ पाए हैं। इस कारण ग्रामीण अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि उनके गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के बारे में कदम उठाए जाएं। इससे तीन गांव के बाशिंदे भी सड़क सुविधा से जुड़ सकेंगे। गौरतलब हो कि एक तरफ लोनिवि 250 की आबादी को सड़क सुविधा से जोड़ने संबंधी बड़े-बड़े दावे कर रहा है। वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायत जांघी के अधीन आने वाले तीन गांव आज तक सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। सड़क के अभाव में आज तक लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार कई बार गांवों के लिए सड़क निर्माण के बारे में विभाग ने सर्वे किए गए हैं। बावजूद इसके अभी तक विभाग ने सर्वे के अनुरूप कार्य नहीं हो पाया है। नतीजतन, आज भी गांवों के लोगों को राशन, गृह निर्माण संबंधी सामग्री और अन्य सामान पीठ पर लादकर घरों तक पहुंचाना पड़ता है। ग्रामीणों की दिक्कतें उस समय और बढ़ जाती है जब गांव में अचानक कोई बीमार पड़ जाता है। मजबूरी में लोगों को बीमार व्यक्ति को पीठ पर या फिर पालकी के माध्यम से सात किलोमीटर का सफर तय कर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। हेमराज शर्मा, अशोक शर्मा, रविंद्र शर्मा, चमन सिंह, ब्यास देव, भानो राम, नवीन कुमार, विनोद कुमार और टेक चंद ने बताया कि गांव में दो हजार की आबादी रहती है। बावजूद इसके गांवों का सड़क सुविधा से न जुड़ना विभागीय दावों की पोल खोलकर रख रहा है। लोगों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि उनके गांवों को भी सड़क सुविधा से जोड़ने के बारे में उचित कदम उठाए जाएं। लोनिवि के अधिशासी अभियंता जीत सिंह ठाकुर ने बताया कि गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए प्रस्ताव बना कर आलाधिकारियों को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ दिया जाएगा।