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आगनबाड़ी केंद्रों, पीएचसी, सीएचसी में उपलब्ध हों ओआरएस पैकेट, जिंक
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आगनबाड़ी केंद्रों, पीएचसी में उपलब्ध हों ओआरएस पैकेट, जिंक
रोगों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए विभाग उठाए प्रभावी कदम, लोगों में लाई जाए जागरूकता
उपायुक्त ने जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए जरूरी दिशा निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। उपायुक्त चंबा हरिकेश मीणा ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त ने यह निर्देश बुधवार को जिला टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने कहा कि वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए रोग की समुचित निगरानी की जानी चाहिए। इसके लिए त्वरित निदान और शीघ्र मामले का प्रबंधन करने के उपाय भी किए जाने चाहिए। यह प्रयास किया जाना चाहिए कि सामुदायिक भागीदारी और सामाजिक गतिशीलता के माध्यम से प्रभावी नियंत्रण के लिए कारगर कदम उठाए जाएं। लोगों में वेक्टर जनित रोगों से बचने के लिए जागरूकता लाई जानी चाहिए तथा स्वच्छता से संबंधित विभिन्न पहलुओं की भी जानकारी दी जानी चाहिए। हरिकेश मीणा ने कहा कि 1 मई 2019 को राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस (एनडीडी) आयोजित किया जाएगा। इसके प्रथम चरण में जिला में एक से 19 वर्ष आयु वर्ग के 169244 बच्चों को कृमि नाशक दवा एल्बेंडाजोल दी जाएगी। एनडीडी का द्वितीय चरण 8 मई को आयोजित किया जाएगा। इस दिवस का उद्देश्य बच्चों के समान विकास, स्वास्थ्य पोषण की स्थिति और जीवन की गुणवत्ता में बढ़ोतरी के लिए विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 1 से 19 वर्ष की उम्र के बच्चों को कृमि नाशक दवा देना है। जिला में एक से 5 वर्ष आयु वर्ग के 44514 बच्चों को एनडीडी के द्वितीय चरण में विटामिन ए सॉल्यूशन भी दिया जाएगा। हेलिमन्थ कृमि से संक्रमण को पूर्ण स्वच्छता अपनाकर रोका जा सकता है। साफ शौचालय का उपयोग करना, बाहर शौच न जाना, खाने से पहले व शौच के बाद हाथ धोना, चप्पल और जूते पहनना तथा स्वच्छ एवं सुरक्षित पानी से फल सब्जियां धोना आदि सुरक्षित उपायों को अपनाकर कृमि संक्रमण से दूर रहा जा सकता है। जिले में सघन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा आगामी जून माह में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने पखवाड़े के दौरान सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी व जिला कार्यक्रम अधिकारी को आंगनबाड़ी केंद्रों, पीएचसी, सीएचसी स्तर, आशा, एएनएम व स्वाथ्य कर्मी के पास ओआरएस पैकेट, जिंक व क्लोरीन की उपलब्धता और वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों, बस्तियों व गांवों में स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
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रोगों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए विभाग उठाए प्रभावी कदम, लोगों में लाई जाए जागरूकता
उपायुक्त ने जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए जरूरी दिशा निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। उपायुक्त चंबा हरिकेश मीणा ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त ने यह निर्देश बुधवार को जिला टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने कहा कि वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए रोग की समुचित निगरानी की जानी चाहिए। इसके लिए त्वरित निदान और शीघ्र मामले का प्रबंधन करने के उपाय भी किए जाने चाहिए। यह प्रयास किया जाना चाहिए कि सामुदायिक भागीदारी और सामाजिक गतिशीलता के माध्यम से प्रभावी नियंत्रण के लिए कारगर कदम उठाए जाएं। लोगों में वेक्टर जनित रोगों से बचने के लिए जागरूकता लाई जानी चाहिए तथा स्वच्छता से संबंधित विभिन्न पहलुओं की भी जानकारी दी जानी चाहिए। हरिकेश मीणा ने कहा कि 1 मई 2019 को राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस (एनडीडी) आयोजित किया जाएगा। इसके प्रथम चरण में जिला में एक से 19 वर्ष आयु वर्ग के 169244 बच्चों को कृमि नाशक दवा एल्बेंडाजोल दी जाएगी। एनडीडी का द्वितीय चरण 8 मई को आयोजित किया जाएगा। इस दिवस का उद्देश्य बच्चों के समान विकास, स्वास्थ्य पोषण की स्थिति और जीवन की गुणवत्ता में बढ़ोतरी के लिए विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 1 से 19 वर्ष की उम्र के बच्चों को कृमि नाशक दवा देना है। जिला में एक से 5 वर्ष आयु वर्ग के 44514 बच्चों को एनडीडी के द्वितीय चरण में विटामिन ए सॉल्यूशन भी दिया जाएगा। हेलिमन्थ कृमि से संक्रमण को पूर्ण स्वच्छता अपनाकर रोका जा सकता है। साफ शौचालय का उपयोग करना, बाहर शौच न जाना, खाने से पहले व शौच के बाद हाथ धोना, चप्पल और जूते पहनना तथा स्वच्छ एवं सुरक्षित पानी से फल सब्जियां धोना आदि सुरक्षित उपायों को अपनाकर कृमि संक्रमण से दूर रहा जा सकता है। जिले में सघन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा आगामी जून माह में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने पखवाड़े के दौरान सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी व जिला कार्यक्रम अधिकारी को आंगनबाड़ी केंद्रों, पीएचसी, सीएचसी स्तर, आशा, एएनएम व स्वाथ्य कर्मी के पास ओआरएस पैकेट, जिंक व क्लोरीन की उपलब्धता और वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों, बस्तियों व गांवों में स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।