{"_id":"5b06f04c4f1c1ba66e8b4632","slug":"61527181388-chamba-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला में बिना पंजीकरण चल रही 122 लैबों व क्लीनिकों को जारी हुए नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला में बिना पंजीकरण चल रही 122 लैबों व क्लीनिकों को जारी हुए नोटिस
Updated Thu, 24 May 2018 10:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंबा। जिले में चल रहीं 122 निजी लैब और क्लीनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करने का मन बना चुका है। क्योंकि ये सभी लैब और क्लीनिक महकमे में पंजीकरण करवाए बिना चल रही हैं। इसके चलते विभाग इन्हें नोटिस जारी करने जा रहा है। इसे लेकर निजी लैबों और क्लीनिकों में हड़कंप मचा हुआ है।
जिला चंबा में कुल 125 निजी लैबें और क्लीनिक हैं। इसमें से तीन ने ही स्वास्थ्य विभाग में अपना पंजीकरण करवाया है। नोटिस के जरिए लैब और क्लीनिक संचालकों को पंजीकरण करवाने के लिए एक माह का समय दिया जाएगा। इस अवधि में जिसने अपना पंजीकरण नहीं करवाया, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं, इन्हें बंद भी किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के पास जिला में चल रही निजी लैब और क्लीनिकों का डाटा नहीं था। इसकी वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी बीएमओ को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र में चल रही सभी निजी लैब और क्लीनिकों का ब्योरा दें। बीएमओ ने अपनी रिपोर्ट में 125 निजी लैबों और क्लीनिकों का हवाला दिया है, जहां पर लोगों के खून के नमूनों व स्वास्थ्य की जांच हो रही है। केंद्र सरकार ने भी आदेश जारी किए हैं कि बिना पंजीकरण के चलने वाली लैबों व क्लीनिकों को तुरंत बंद करवाया जाए। प्रदेश में इसको लेकर कई जिलों में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई भी की है। चंबा में भी स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करने की तैयारी में है।
विज्ञापन
लैब या क्लीनिक चलाने के लिए एमबीबीएस जरूरी
कहीं पर भी निजी लैब या क्लीनिक चलाने के लिए एक एमबीबीएस डॉक्टर का होना अनिवार्य है। लैब में मरीज के खून के नमूने की रिपोर्ट पर एमबीबीएस डॉक्टर के साइन होंगे। उसके बाद ही वह रिपोर्ट मान्य होगी। जबकि जिला में बिना पंजीकरण चल रहीं कई निजी लैबों में ऐसा नहीं हो रहा है। लैब टेक्नीशियन ही रिपोर्ट पर साइन कर रहे हैं। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग अब कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
कोट्स
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वाईडी शर्मा ने बताया कि सभी बीएमओ से जिला में चल रही 125 निजी लैबों व क्लीनिकों का डाटा इकट्ठा किया गया है। इसमें से तीन लैबें ही पंजीकृत हैं। बाकी को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
जिला चंबा में कुल 125 निजी लैबें और क्लीनिक हैं। इसमें से तीन ने ही स्वास्थ्य विभाग में अपना पंजीकरण करवाया है। नोटिस के जरिए लैब और क्लीनिक संचालकों को पंजीकरण करवाने के लिए एक माह का समय दिया जाएगा। इस अवधि में जिसने अपना पंजीकरण नहीं करवाया, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं, इन्हें बंद भी किया जा सकता है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के पास जिला में चल रही निजी लैब और क्लीनिकों का डाटा नहीं था। इसकी वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी बीएमओ को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र में चल रही सभी निजी लैब और क्लीनिकों का ब्योरा दें। बीएमओ ने अपनी रिपोर्ट में 125 निजी लैबों और क्लीनिकों का हवाला दिया है, जहां पर लोगों के खून के नमूनों व स्वास्थ्य की जांच हो रही है। केंद्र सरकार ने भी आदेश जारी किए हैं कि बिना पंजीकरण के चलने वाली लैबों व क्लीनिकों को तुरंत बंद करवाया जाए। प्रदेश में इसको लेकर कई जिलों में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई भी की है। चंबा में भी स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करने की तैयारी में है।
विज्ञापन
लैब या क्लीनिक चलाने के लिए एमबीबीएस जरूरी
कहीं पर भी निजी लैब या क्लीनिक चलाने के लिए एक एमबीबीएस डॉक्टर का होना अनिवार्य है। लैब में मरीज के खून के नमूने की रिपोर्ट पर एमबीबीएस डॉक्टर के साइन होंगे। उसके बाद ही वह रिपोर्ट मान्य होगी। जबकि जिला में बिना पंजीकरण चल रहीं कई निजी लैबों में ऐसा नहीं हो रहा है। लैब टेक्नीशियन ही रिपोर्ट पर साइन कर रहे हैं। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग अब कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
कोट्स
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वाईडी शर्मा ने बताया कि सभी बीएमओ से जिला में चल रही 125 निजी लैबों व क्लीनिकों का डाटा इकट्ठा किया गया है। इसमें से तीन लैबें ही पंजीकृत हैं। बाकी को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।